राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को चित्रकूट में हिंदू एकता महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि कलियुग में एकता की शक्ति है, इसलिए हमें अहंकार और स्वार्थ को त्यागना होगा। इस महाकुंभ में, भागवत ने हिंदू संस्कृति को संरक्षित करने और हिंदू धर्म छोड़ने वालों को वापस लाने का संकल्प लिया।
#WATCH | RSS chief Mohan Bhagwat administers oath to the attendees of 'Hindu Ekta Mahakumbh' in Chitrakoot to work for 'ghar wapasi' of those who had left Hinduism & converted to any other religion pic.twitter.com/A5ZimTLx9Q
— ANI UP (@ANINewsUP) December 15, 2021
आरएसएस प्रमुख ने महाकुंभ में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ दिया है, उन्हें घर वापस लाया जाना चाहिए और उनके परिवार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। साथ ही किसी भी हिंदू को धर्म से दूर न जाने दें। इस बीच, उन्होंने धार्मिक विश्वासियों से हिंदू बहनों की पहचान और सम्मान की रक्षा करने का संकल्प भी लिया।
काशी के बाद मथुरा की बारी
जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने हिंदू एकता महाकुंभ में कहा कि हमने हिंदुओं के हित की शुरुआत की है। कार्यक्रम में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय, मंदिरों की सुरक्षा, धर्मांतरण पर रोक, जनसंख्या नियंत्रण, राष्ट्रवाद और समान नागरिक संहिता, लव जिहाद, गौ रक्षा, सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
मनोज तिवारी भी हुए शामिल
हिंदू एकता महाकुंभ में हिस्सा लेने पहुंचे दिल्ली बीजेपी सांसद और मशहूर भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने महाकुंभ के मंच को चुनावी मंच बना दिया। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने हिंदुत्व राष्ट्रवाद और पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ में कई भजन गाए। उन्होंने अपने भजनों से विपक्ष की खिंचाई भी की।