डेंगू का खतरा कम ही नहीं हो रहा..


स्टोरी हाइलाइट्स

11 साल बाद मरीज दस हजार के पार...

मध्यप्रदेश में डेंगू की दहशत और खतरे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब 11 साल बाद राज्य में अब डेंगू मरीजों की संख्या दस हजार के पार पहुंच गई है। इससे पहले प्रदेश में 10 हजार के करीब मरीज 09 में मिले थे। पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ 806 था। भोपाल में भी लगातार मरीज मिल रहे हैं. मगर मंदसौर के बाद अब ग्वालियर डेंगू का हॉटस्पॉट है। यहां अक्टूबर के 24 दिनों में 756 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं, कुल मरीजों की संख्या 1 हजार 11 पहुंच गई है।

 

11 साल बाद मरीज दस हजार के पार...

 

बताया जाता है कि प्रदेश में पिछले दिनों बारिश के कारण लावों को पनपने के अनुकूल स्थिति बन गई। सरकार डेंगू के खिलाफ जंग अभियान चला रही है। भोपाल में सीएम शिवराज ने इसकी शुरुआत की थी। वहीं मंदसौर में अब तक सबसे ज्यादा 1215 मरीज मिले हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि यहां अक्टूबर में सिर्फ 135 मरीज सामने आए हैं। वहीं, प्रदेश के 23 जिलों में 100 से ज्यादा डेंगू के मरीजों की संख्या पहुंच गई है, हालांकि डेंगू के आंकड़े को लेकर कई तरह के भ्रम भी हैं। अलबत्ता विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू के प्रभाव में कमी आएगी।

 

24 दिन में 4071 मरीज मिले बताया जाता है कि अक्टूबर माह के 24 दिनों में मप्र में 4071 मरीज मिले हैं। इन 24 दिनों में सबसे ज्यादा ग्वालियर में 756 केस मिले हैं। फिर उज्जैन का नंबर आता है जहां 430 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इंदौर में 298 और नीमच में 211 मरीज मिले हैं।

 

पांच मौतें कह रहा सरकारी रिकार्ड...

 

प्रदेश में डेंगू के मरीजों की कई शहरों में मौत के मामले सामने आए हैं। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में अब तक सिर्फ पांच मौतें ही रिपोर्ट की गई है। इसमें सबसे ज्यादा आगर में 2 एवं इंदौर, सिवनी, रीवा जिले में 1-1 मौत रिपोर्ट है। अकेले रतलाम में ही 10 से ज्यादा लोगों की मौत डेंगू से हुई है।



पुराण डेस्क

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