युवाओं के हौसले से हारा नशे का दानव


स्टोरी हाइलाइट्स

युवाओं के होसलों से नशा मुक्त हुआ पंजाब का कोटली अबलु गांव

आज के दौर में एक तरफ युवा पीढ़ी नशे की बेड़ियों में जकड़ती जा रही है वहीं दूसरी तरफ पंजाब के एक गांव कोटली अबलु गांव को नशा मुक्त कराकर युवाओं ने अपने जोश, जूनून और जज्बे का परिचय दिया है. इस गांव के 50 युवाओं ने पंजाब के मुक्तसर साहिब के कोटली अबलु गांव मैं करिश्मा कर दिया है.

एक वक्त था जब 12000 वाली आबादी के इस गांव गांव में पुलिस नशे के तस्करों की तलाश में सुबह शाम छापे मारा करती थी तब तस्कर पकड़े भी जाते जेल भी जाते और छूट भी जाते और छूटते ही वह वापस नशा तस्करी के धंधे में जुट जाते थे. इस गांव में बड़ी संख्या में लोग नशे के आदी हो चुके थे. आए दिन अफीम, चरस, गांजा, ड्रग्स, नशीली गोलियां पुलिस द्वारा बरामद की जाती थी. हालात इतने बदतर हो चुके थे कि महिलाएं और बच्चियां घर से निकलने में भी कतराती थी.

अचानक 10 जून 2019 को इस गांव के युवाओं ने एक गुरुद्वारे में इकट्ठे होकर कसम ली कि वे अपने गांव को नशा मुक्त करवा कर रहेंगे. उन्होंने नशा रुको और निगरानी संगठन बनाया युवाओं के संगठन ने नशे के आदि लोगों की पहचान की और स्वास्थ्य विभाग की मदद से उनकी काउंसलिंग की. ताकि वे इलाज के लिए तैयार हो सके. संगठन ने पंचायत की मदद से हेल्थ कैंप लगाने शुरू किए, जागरूकता अभियान शुरू करवाया. नतीजा यह रहा कि लगभग 90 युवकों और 18 बुजुर्गों ने नशे की लत को पूर्णता त्याग दिया.

युवाओं के संगठन ने गांव के अंदर नशा तस्करी को रोकने के लिए 10-10 लोगों का एक ग्रुप बनाया जो गांव के बाहर और भीतर सुबह शाम पहरेदारी का काम करते. एक नशा तस्कर ने युवाओं के संगठन के सक्रिय सदस्य को गोली भी मारी लेकिन गनीमत उस सदस्य के पैर में गोली लगने से ज्यादा परेशानी नहीं हुई. लेकिन उस सदस्य की हिम्मत के चलते वह नशा तस्कर सलाखों के पीछे जरूर पहुंच गया.

प्रियम मिश्र

प्रियम मिश्र