आज ममता बनर्जी का 67वां जन्मदिन है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'दीदी' के नाम से भी जानी जाती हैं। 15 साल की उम्र से राजनीति में आने के बाद, 1984 के आम चुनाव में सबसे कम उम्र के सांसद बनने और फिर ममता बनर्जी का वामपंथ के गढ़ पश्चिम बंगाल से सत्ता में आने का सफर दिलचस्प रहा है।
ममता दीदी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे। ममता महज 17 साल की थीं, जब उनके पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार की जिम्मेदारी ममता पर आ गई थी। ममता ने बड़े संघर्ष से भाई-बहन का पालन-पोषण किया। ममता बनर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून और मास्टर ऑफ आर्ट्स में स्नातक किया है।
70 के दशक से राजनीति में सक्रिय :
ममता ने 15 साल की उम्र में राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने 15 साल की उम्र में जोगमाया देवी कॉलेज में विद्यार्थी परिषद संघ की स्थापना की। जो कांग्रेस I की छात्र शाखा थी और चुनाव में वाम दलों की छात्र शाखा को हराया था। 70 के दशक में ममता बनर्जी कॉलेज से राजनीति में सक्रिय हो गईं और जल्द ही पार्टी में उनका कद बढ़ गया। उन्हें महिला कांग्रेस की महासचिव बनाया गया था।
दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी को हराकर युवा सांसद बनी :
फिर 1984 में कुछ अप्रत्याशित हुआ। उस समय सीपीएम के सोमनाथ चटर्जी राजनीति के इतने बड़े नेता थे कि उन्हें कोई हरा नहीं सकता था। एक नए राजनेता के लिए इसे असंभव माना जाता था। लेकिन 1984 में ममता ने आम चुनाव जीता और जादवपुर लोकसभा सीट से सोमनाथ चटर्जी को हराया। 1984 के आम चुनाव में ममता भारत की सबसे कम उम्र की सांसद बनीं। 1991 में बनर्जी ने राव सरकार में मानव संसाधन विकास, युवा मामले, खेल और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला। ममता बनर्जी ने 1996, 1999, 2004 और 2009 में कोलकाता सीट से लोकसभा चुनाव जीता था।
2011 में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव किया :
1993 में ममता बनर्जी ने खेल मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया। फिर, 1997 में, उन्होंने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी बनाई और कांग्रेस से अलग हो गई। 1999 में एनडीए का हिस्सा बनी और रेल मंत्री का पद मिला। हालांकि, 2011 में ममता एनडीए से अलग हो गईं। 2011 में वह वामपंथी दलों की दशकों पुरानी सत्ता को उखाड़ फेंकते हुए टीएमसी की अध्यक्ष बनी और पश्चिम बंगाल में एक नया सूरज उग आया, अपनी सरकार बनाई और राज्य की मुख्यमंत्री बनी। यहीं से शुरू हुआ ममता बनर्जी की जीत का सिलसिला, इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं :
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ममता बनर्जी को उनके 67वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। केजरीवाल ने ट्वीट कर बधाई दी और दीदी की लंबी उम्र, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
A very happy birthday @MamataOfficial didi. May God bless u wid all happiness, success, health and long life.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 5, 2022
Birthday greetings to Chief Minister of West Bengal @MamataOfficial Ji. May you be blessed with good health and long life.
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) January 4, 2022