कूनो में चीता की दहाड़ के लिए और इंतजार करना होगा


स्टोरी हाइलाइट्स

कोरोना के नए वेरिएंट की चपेट में दक्षिण अफ्रीका, अधिकारियों को दौरा एक बार फिर निरस्त

भोपाल. राज्य के पालपुर कूनो में चीता की दहाड़ के लिए वन्य प्राणी सैलानियों को अभी और इंतजार करना होगा. दक्षिण अफ्रीका मैं कोरोना के नए वेरिएंट फैलने से अगले 3 महीने तक अधिकारियों के दौरे निरस्त हो गए हैं. ऐसा दूसरी बार हुआ है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वन मंत्री विजय शाह की हार्दिक इच्छा थी कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से चीता पालपुर कूनो लाया जाए किंतु तब मूसलाधार बारिश ने उनकी इच्छाओं पर पानी फेर दिया.

श्योपुर जिले के पालपुर कूनो में चीता की बसाहट के लिए सभी तैयारियां लगभग अंतिम चरण में है. बाड़ा बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है. अब केवल फील्ड के अधिकारियों की ट्रेनिंग शेष रह गई है.

इसके पहले एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव और प्रमुख सचिव वन मप्र के नेतृत्व में प्रदेश के अधिकारियों की टीम का दौरा भी होना है. यह दौरा पूर्व में दो बार निरस्त हो गया है. दक्षिण अफ्रीका में कोरोना  के नए वेरिएंट का संक्रमण तेजी से फैलने की वजह से 28 नवंबर को प्रस्तावित दक्षिण अफ्रीका दौरा निरस्त हो गया.

इसके पहले सांप्रदायिक दंगे होने की वजह से 28 और 29 सितंबर का दौरा निरस्त हो चुका है. दौरे के लिए प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी आलोक कुमार को दिल्ली से लौटना पड़ा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले 3 महीने तक दक्षिण अफ्रीका जाना संभव नहीं है. इस प्रोजेक्ट में जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगले 6 महीने तक दक्षिण अफ्रीका से चीता लाना नामुमकिन सा लग रहा है.