लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट ने राहत दे दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष मिश्रा कल यानी 11 फरवरी तक जेल से रिहा हो सकते हैं।
Lakhimpur Kheri violence case: Lucknow bench of Allahabad HC grants bail to prime accused Ashish Mishra
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 10, 2022
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एसआईटी ने चार्जशीट में आशीष को बनाया मुख्य आरोपी :
एसआईटी ने पिछले महीने लखीमपुर हिंसा मामले में 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को मुख्य आरोपी बनाया गया था। चार्जशीट में केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम था। आपको बता दें कि वीरेंद्र शुक्ला लखीमपुर में पलिया के प्रखंड प्रमुख हैं।
जानिए 3 अक्टूबर 2021 को क्या हुआ था ?
लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया इलाके में 3 अक्टूबर 2021 को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में आशीष मिश्रा उर्फ मोनू समेत अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने मामले की जांच के बाद आशीष मिश्रा मोनू समेत 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन आज हाईकोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है।
विपक्षी समूहों ने की इस्तीफे की मांग :
इस मामले में आशीष मिश्रा का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए थे। विपक्षी दल केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग करते रहे हैं। इतना ही नहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस मुद्दे पर भारी बवाल भी हुआ था।