लेकिन दुनिया कॉन्फिडेंट लोगों से प्रभावित होती है। इसलिए जिनके अंदर आत्मविश्वास होता है भले ही वह झूठे और बेईमान हो अपने आत्मविश्वास के प्रदर्शन के कारण वह लोगों में विश्वास बनाने में कामयाब हो जाते हैं, और उनके कॉन्फिडेंस के कारण ही उनका झूठ भी सही नजर आता है। इसी वजह से अन्य लोग उनसे प्रभावित हो जाते हैं और उनके झांसे में आ जाते हैं। इसलिए अच्छे और ईमानदार लोगों को भी अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि आत्मविश्वास में कमी आपकी अच्छाई को छुपा देती है। लोगों को ऐसा लगता है कि आपमें कहीं ना कहीं कोई दुर्गुण चालाकी या बेईमानी है, जिसकी वजह से आपका आत्मविश्वास कमजोर है।

दरअसल आत्मविश्वास एक खास तरह का व्यक्तित्व का गुण है जिसका चोरी बेईमानी इमानदारी से बहुत ज्यादा संबंध नहीं है। एक चोर बेईमान और कपटी व्यक्ति भी आत्मविश्वासी हो सकता है और एक अच्छा सहज स्वाभाविक व्यक्ति भी आत्म हीनता की ग्रंथि से ग्रसित हो सकता है।

दरअसल अच्छे और सहज लोग दुनिया में अपनी असफलता के लिए अपनी ईमानदारी को दोष देते हैं। इसी वजह से उनका आत्मविश्वास गिर जाता है।

सफलता और असफलता का बीज हमारे प्रारब्ध में छिपा होता है। दरअसल हम जीवन से पहले ही अपने प्रारब्ध के कर्मों के भुगतान के लिए अपनी असफलताएं और चुनौतियां तय करते हैं। इसी वजह से हमें चाह कर भी कई बार सफलता नहीं मिलती क्योंकि हम जन्म से पहले ही यह तय करके आते हैं कि अपने पिछले जन्मों के गलत कर्मों का भुगतान हम कुछ चुनौतियों के साथ करेंगे। इसलिए यदि आप बहुत ज्यादा सफल नहीं है तो अपना आत्मविश्वास खोने की जरूरत नहीं है। आत्मविश्वास के साथ आप अपनी चुनौतियों का मुकाबला कर सकते हैं। जीवन में सहज रह सकते हैं और यदि आप आत्मविश्वासी हैं तो आप की सच्चाई और अच्छाई भी सराही जाएगी वरना कम आत्मविश्वास के कारण आपके अंदर छुपे हुए गुण सच्चाई और ईमानदारी भी बाहर नहीं आ पाती।  गलत लोग अपने सेल्फ कॉन्फिडेंस का दुरुपयोग करते हैं और लोगों को झांसा देने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए अच्छे लोगों को भी अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाना चाहिए ।