अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेताओं से था। कोर्ट के फैसले के बाद भी समाजवादी पार्टी के नेता खामोश हैं। यह चुप्पी एक बार फिर आतंकियों के बचाव की ओर इशारा करती है। उन्होंने कहा, ''2012 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सपा के चुनावी घोषणा पत्र में सीधे तौर पर लिखा गया था कि मुस्लिम युवकों पर लगे आतंकवाद (मामले) के आरोप वापस लिए जाएंगे और जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। '
Shri @ianuragthakur addresses a press conference at party headquarters in New Delhi. https://t.co/RLy5CbmKLY
— BJP (@BJP4India) February 19, 2022
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि, "अखिलेश यादव की सोच है 'मुह में राम, बगल में आतंकवादी। यह भारत की पहली पार्टी है जिसने अपने 2012 के घोषणापत्र में घोषणा की कि वह मुस्लिम युवाओं के खिलाफ आतंकवाद के आरोपों को खत्मः कर देगी और अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो उन्हें रिहा कर देगी। सरकार बनने के बाद उन्होंने काशी के अयोध्या में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों पर लगे सारे मुकदमे वापस ले लिए थे।
सपा को बताया असामाजिक पार्टी :
उन्होंने आगे कहा कि, समाजवादी पार्टी ने लखनऊ, रामपुर और अन्य जिलों में आतंकवादी हमलों के आरोपियों को भी छुड़ाया था। वे समाजवादी नहीं बल्कि असामाजिक हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, समाजवादी पार्टी आतंकियों और उनके परिवारों को बचाने का काम कर रही है। सपा ने आजमगढ़ में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। केंद्रीय मंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आजमगढ़ को आतंकियों का गढ़ बना दिया था। उन्हें एसटीएफ और पुलिस पर भरोसा नहीं है। तुष्टीकरण की राजनीति सपा सरकार में आतंकियों को बचाती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का आतंकवाद की कमर तोड़ने का अभियान जारी है।
सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना :
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में किसान आत्महत्या कर रहे थे, गरीब भूख से मर रहे थे, आतंकियों का राज्य था, अपराधियों का बोलबाला था और यह कानून से चलता था। 2017 से पहले चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था। उन्होंने कहा कि अदालत ने अहमदाबाद बम धमाकों के 38 आरोपियों को दोषी ठहराया था और कुछ को मौत की सजा सुनाई थी। एक आतंकी के परिवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ वोट मांगते देखा गया है। आतंकियों के साथ सपा का हाथ फिर साबित हुआ है।