चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न, जयंत बोले-अब किस मुंह से करूं इनकार


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स्टोरी हाइलाइट्स

UP की सियासत में सरगर्मी, राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख का NDA में शामिल होना तय..!!

केंद्र सरकार ने 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों चौधरी चरण सिंह और पीवी नरसिम्हा राव के साथ प्रसिद्ध वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा की है। इन तीनों हस्तियों को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। 

चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने को लेकर काफी चर्चा है। इसके बारे में अधिक चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि अब यह माना जा रहा है कि उनके पोते और राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन को छोड़कर NDA में शामिल हो जाएंगे। पीएम मोदी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने भी लिखा कि उन्होंने दिल जीत लिया है।

जयंत चौधरी का बयान भी इसे लेकर सामने आया है। उनका कहना है, कि कुछ कसर रह जाती है अब किस मुंह से इनकार करूं। आज देश के लिए एक बड़ा दिन है और मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण है। मैं राष्ट्रपति, भारत सरकार और विशेष रूप से पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं, क्योंकि यह निर्णय उनके दृष्टिकोण का एक हिस्सा है। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने से एक बड़ा संदेश गया है। देश की भावनाएं सरकार के इस फैसले से जुड़ी हैं। मोदी जी ने साबित किया है कि वे देश की मूल भावना को समझते हैं...जो आजतक पूर्व की सरकार नहीं कर पाई वे फैसला नरेंद्र मोदी ने लिया है।" 

जयंत चौधरी ने कहा, चौधरी चरण सिंह जी को बहुत बड़ा सम्मान मिला है। जयंत ने कहा इस फैसले को गठबंधन से न जोड़ा जाए। बीजेपी से गठबंधन से इनकार नहीं। गठबंधन में कितनी सीट मिल रहीं ये मसला नहीं।  मोदी जी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, नए भारत में चीजें बदल रही हैं। चौधरी अजीत सिंह का सपना पूरा हुआ। आज का फैसला पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाएगा।

चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने पर राष्ट्रीय लोकदल के एक्स हैंडल पर भी एक पोस्ट शेयर की गई है। जिसमें लिखा गया है, कि 'किसान मसीहा' चौधरी चरण सिंह जी को 'भारत रत्न' से सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार। यह सम्मान चौधरी साहब को ही नहीं बल्कि उन समस्त शोषित वर्ग को समर्पित है, जिनके कल्याण हेतु वे संघर्षरत रहे। देश के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री जिनके निर्णयों से किसानों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन हुए एवं देश की आर्थिक सशक्तिकरण में अपना योगदान देने हेतु सशक्त हो सके आज देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यह सम्मान राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए है। जिसे देश कभी भूला नहीं सकता।

भारत में शीर्ष पर पहुंचने वाले राजनेताओं में चौधरी चरण सिंह एक प्रमुख नाम थे। उन्हें हमेशा देश के सबसे महान किसान नेताओं में से एक के रूप में जाना जाता था। चौधरी चरण सिंह यूपी में गैर-कांग्रेसी सरकार के पहले मुख्यमंत्री भी बने। कांग्रेस के साथ उनके रिश्ते बड़े अजीब थे। चौधरी साहब आपातकाल के दौरान जेल गए, जिसके बाद उनके बाद बनी जनता पार्टी सरकार ने गृह मंत्री के रूप में इंदिरा गांधी को जेल भेज दिया। बाद में वे इंदिरा गांधी के सहयोग से प्रधानमंत्री भी बने।