ED का बड़ा खुलासा, PFI ने रची थी PM मोदी पर हमले की साजिश 


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स्टोरी हाइलाइट्स

गुरुवार को मध्यप्रदेश के इंदौर समेत देश के करीब 13 राज्यों में ईडी और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने एक साथ रेड की थी, उस दौरान PFI ने 100 से ज्यादा कार्यकतार्ओं को गिरफ्तार किया था..!

पॉपुलर फ्रंट इंडिया (PFI) के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केरल से गिरफ्तार PFI सदस्य शफीक पायेथ के रिमांड नोट में ईडी ने सनसनीखेज दावे किए हैं। एजेंसी का कहना है कि पीएफआई ने इस साल 12 जुलाई को पीएम मोदी के पटना दौरे पर हमला करने के लिए ट्रैनिंग कैंप लगाया था। खास बात है कि साल 2013 में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों ने भी उनकी रैली में धमाका किया था।

गुरुवार को मध्यप्रदेश के इंदौर समेत देश के करीब 13 राज्यों में ईडी और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने एक साथ रेड की थी। उस दौरान PFI ने 100 से ज्यादा कार्यकतार्ओं को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने पायेथ पर भी शिकंजा कसा है। आरोप है कि पीएफआई और उससे जुड़ी संस्थाओं के खातों में 120 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा किए गए थे। इसका एक बड़ा हिस्सा देश और विदेश से संदिग्ध स्त्रोत से कैश में जमा किया गया था।

ईडी ने शुक्रवार को कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) के विदेश में रहने वाले कुछ सदस्यों ने भारत में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) खातों में कोष भेजा जिसे बाद में कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को स्थानांतरित कर दिया गया। इसका मकसद विदेशी वित्तोषण से संबंधित कानून से बचना था।

इधर मध्यप्रदेश के इंदौर से तीन और उज्जैन से गिरफ्तार एक पीएफआई के पदाधिकारी को शुक्रवार को में एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से चारों को 7 दिन की रिमांड पर पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अब्दुल करीम बेकरी वाला निवासी इंदौर पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष है। अब्दुल खालिक निवासी इंदौर पीएफआई का जनरल सेक्रेटरी है। मोहम्मद जावेद निवासी इंदौर पीएफआई का प्रदेश कोषाध्यक्ष है। जमील शेख निवासी उज्जैन पीएफआई का प्रदेश सचिव है।