सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित ग़लत ख़बर फैलाने वाले 16 YouTube समाचार चैनलों को ब्लॉक कर दिया गया है। इन 16 यूट्यूब चैनलों में 10 भारत के और 6 पाकिस्तान के चैनल शामिल है।
6 Pak-based YouTube channels among 16 blocked for spreading disinformation related to India's national security
— ANI Digital (@ani_digital) April 25, 2022
Read @ANI Story | https://t.co/Ba2qczffkC#youtubechannel #nationalsecurity #YouTubechannelsblocked #India #Pakistan pic.twitter.com/0WhwOj56i4
भारत सरकार ने आईटी नियम 2021 के तहत आपातकालीन अधिकारों का उपयोग करते हुए इन YouTube चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। यह YouTube चैनल भारत में राष्ट्रविरोधी सोच, नस्लीय घृणा और आतंक का माहौल बनाने की कोशिश कर रहें थे। सभी चैनलों के पास 68 करोड़ से करीब सदस्य थे।
इससे पहले 5 अप्रैल को ब्लॉक किए थे कई यूट्यूब चैनल-
5 अप्रैल 2022 के दिन भारत सरकार ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और सार्वजनिक व्यवस्था के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने वाले 22 YouTube चैनलों को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। आईटी नियम, 2021 के तहत पहली बार 18 भारतीय यूट्यूब चैनलों को एक साथ ब्लॉक किया गया था।
इसके अलावा पाकिस्तानी 4 यूट्यूब चैनल को भी ब्लॉक कर दिया गया था। कुल 22 यूट्यूब चैनलों पर मुकदमा चलाया गया। प्रसारण और सूचना मंत्रालय के अनुसार, 22 चैनल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और सार्वजनिक व्यवस्था के बारे में भ्रामक जानकारी फैला रहे थे।
इन YouTube चैनलों पर झूठे थंबनेल के साथ टीवी समाचार चैनलों के लोगों लगाकर दर्शकों में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप था। यूट्यूब चैनलों के अलावा तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक कर दिया गया था। मंत्रालय ने कहा कि इन चैनलों को ब्लॉक करने के लिए आईटी नियम, 2021 का इस्तेमाल किया गया है।
जानकारी से अनुसार, इन YouTube चैनलों पर कुल दर्शकों की संख्या 260 करोड़ से अधिक थी। ये चैनल भारत के विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों पर झूठी खबरें फैला रहे थे। इसके अलावा इन चैनलों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं।
भारत विरोधी सामग्री पाकिस्तानी चैनलों द्वारा परोसी जाती है। मंत्रालय के अनुसार, कई लोग जम्मू-कश्मीर जैसे विषयों पर झूठी खबरें फैलाने के लिए YouTube चैनल का उपयोग कर रहे थे। इन लोगों का इरादा विदेशों से भारत के संबंध खराब करने का था।