दावा- ईरान पहली बार होर्मुज खोलने को तैयार, न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अड़े ट्रम्प


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स्टोरी हाइलाइट्स

न्यूयॉर्क टाइम्स ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है..!!

ईरान पहली बार होर्मुज खोलने को तैयार हो गया है। ईरान ने अमेरिका से समुद्री नाकेबंदी हटाने की भी अपील की है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका को बातचीत के लिए रविवार को एक नया प्रस्ताव दिया था।

इसमें मुख्य रूप से 3 शर्तें थीं-

1. अमेरिका-इजराइल के साथ चल रहा युद्ध खत्म हो और आगे हमला न करने की गारंटी मिले.

2. फिर अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी हटे, होर्मुज खुले और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो.

3. सबसे आखिर में परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन जैसे विवादित मुद्दों पर बात हो.

हालांकि ट्रम्प इस प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं है। खबरों के मुताबिक ट्रम्प सरकार का मानना है कि अगर बिना परमाणु कार्यक्रम का मामला सुलझाए बिना होर्मुज खोला, तो बातचीत में अमेरिकी पक्ष कमजोर हो जाएगा। इसलिए दोनों का हल एक साथ ही निकाला जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की। ईरान, पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से बातचीत कर रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की। ईरान, पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से बातचीत कर रहा है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर फंसा पेंच

ट्रम्प ने दो दिन में दूसरी बार ईरान का प्रस्ताव ठुकराया है। दरअसल, पिछले कई हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के जरिए प्रस्तावों का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।

अमेरिका की मांग थी कि ईरान 20 साल तक अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे और अपने पास मौजूद 440 किलो समृद्ध यूरेनियम सौंप दे। ईरान ने इन मांगों को बहुत ज्यादा और अनुचित बताते हुए मानने से इनकार कर दिया था।

ईरान ने 26 अप्रैल को यह प्रस्ताव दिया था, जिसे ट्रम्प ने ठुकरा दिया था। इसके बाद ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए कहा कि अभी कठिन मुद्दों को अलग रखा जाए। पहले युद्ध खत्म करने से जुड़े कदम उठाए जाएं, जैसे होर्मुज को खोलना और नाकेबंदी हटाना, और बाद में परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत की जाए, जिसे 27 अप्रैल को एक बार फिर से ट्रम्प ने ठुकरा दिया।