इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदे पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस BJP पर हमला बोल रही है। इसी सिलसिले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचें, जहां वे पीड़ितों के परिवारों और अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिल रहे हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल के दौरे पर कड़ा हमला बोला।
सीएम ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर निशाना साधा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल लाशों पर राजनीति करने इंदौर आ रहे हैं। कांग्रेस का अतीत खराब रहा है, लाशों पर राजनीति करना ठीक नहीं है। हमने सबके खिलाफ एक्शन लिया है।
सरकार के एक्शन का बचाव करते हुए सीएम ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना के बाद तुरंत एक्शन लिया गया था। इस घटना में वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट भी शामिल था। सबके खिलाफ एक्शन लिया गया है। हमने एक IAS ऑफिसर को सस्पेंड भी किया है। हम इस मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़े रहे और हर मुमकिन मदद की।
राहुल गांधी को कांग्रेस शासित राज्यों का हाल देखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने राज्यों में जाकर कर्नाटक और उसके शासित राज्यों का हाल देखना चाहिए। पहले राजस्थान में उनके कार्यकाल के दौरान गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई थी। हिमाचल में भी लोग मरे, लेकिन वह हिमाचल या कर्नाटक नहीं जाएंगे।
राहुल पर वोट की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा कि वह वोट की राजनीति के लिए जनता को गुमराह करने आ रहे हैं, लेकिन जनता सब जानती है।
एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8-10 मरीज़ अभी भी गंभीर हालत में हैं। पार्टी का दावा है कि राज्य में 70 परसेंट पानी गंदा है, जो धीमे ज़हर की तरह काम करता है और लोगों की किडनी और दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचाता है।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे और वहां भर्ती मरीज़ों का हालचाल जाना, फिर वे भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले और गंदे पाने से जान गंवाने वाले मासूम अव्यान के परिवार से भी मुलाक़ात की। उनका दौरा करीब 4 घंटे का होगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी ने राहुल गांधी की मौजूदगी में राज्य भर के बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और नगर पार्षदों के साथ गंदे पानी के मुद्दे पर एक कॉन्फ्रेंस करने का प्लान बनाया था, लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन ने इजाज़त नहीं दी है।
पटवारी ने कहा, "इसलिए, कॉन्फ्रेंस बाद में होगी।" "राज्य के मंत्री बड़े प्रोग्राम में बिज़ी हैं और हमसे सवाल पूछने पर हमें डांट रहे हैं।"
इस बीच, गंदे पीने के पानी से हुई मौतों की संख्या को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। लोकल लोगों और कांग्रेस पार्टी ने 24 मौतों का दावा किया है। हालांकि, राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच को सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट में सात मौतों (जिसमें एक 5 महीने का बच्चा भी शामिल है) की पुष्टि की है। इस बीच, महात्मा गांधी स्मृति मेडिकल कॉलेज की "डेथ ऑडिट" रिपोर्ट में 15 मौतों की वजह गंदे पानी को बताया गया है।
पुराण डेस्क