गुजरात के गांधीनगर में डिजिटल इंडिया सप्ताह 2022 में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Technology का सही उपयोग पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है, इसका उदाहरण भारत ने Digital India अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है।
देखिये लाइव:
उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि 8 वर्ष पहले शुरू हुआ ये अभियान बदलते हुए समय के साथ खुद को विस्तार दे रहा है। हर साल डिजिटल इंडिया अभियान में नए आयाम जुड़े हैं, नई टेक्नोलॉजी का समावेश हुआ है। आज जो नए प्लेटफार्म और प्रोग्राम लॉन्च हुए हैं, वो इसी श्रृंखला को आगे बढ़ा रहे हैं।
कई लाइनों का समाधान भारत ने Online होकर किया-
मोदी बोले, समय के साथ जो देश आधुनिक टेक्नोलॉजी को नहीं अपनाता, समय उसे पीछे छोड़कर आगे निकल जाता है। तीसरी औद्योगिक क्रांति के समय भारत इसका भुक्तभोगी रहा है। लेकिन आज हम ये गर्व से कह सकते हैं कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति, इंडस्ट्री 4.0 में दुनिया को दिशा दे रहा है।
सिर्फ 8-10 साल पहले की स्थितियों को याद कीजिए। Birth certificate लेने के लिए लाइन, बिल जमा करना है तो लाइन, राशन के लिए लाइन, एडमिशन के लिए लाइन, रिजल्ट और सर्टिफिकेट के लिए लाइन, बैंकों में लाइन, इतनी सारी लाइनों का समाधान भारत ने Online होकर किया।
डिजिटल इंडिया ने भारत की बहुत मदद की..!
मोदी बोले, आज डिजिटल गर्वनेंस का एक बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में है। 1- जनधन, 2- मोबाइल, 3- आधार कार्ड..! JAM की त्रिशक्ति का देश के गरीब और मध्यम वर्ग को सबसे अधिक लाभ हुआ है। DBT के माध्यम से बीते 8 साल में 23 लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। इस टेक्नोलॉजी की वजह से करीब सवा 2 लाख करोड़ रुपये जो किसी और के हाथ में जाते थे, वो बच गए हैं।
गांव में सैंकड़ों सरकारी सेवाएं डिजिटली देने के लिए पिछले 8 वर्ष में 4 लाख से अधिक नए कॉमन सर्विस सेंटर जोड़े जा चुके हैं। आज गांव के लोग इन केंद्रों से डिजिटल इंडिया का लाभ ले रहे हैं। बीते 8 वर्षों में डिजिटल इंडिया ने देश में जो सामर्थ्य पैदा किया है, उसने कोरोना वैश्विक महामारी से मुकाबला करने में भारत की बहुत मदद की है। अगर डिजिटल इंडिया अभियान न होता तो 100 साल में आये इस सबसे बड़े संकट के समय हम देश में क्या कर पाते?
भीम, यूपीआई डिजिटल ट्रांजेक्शन का सशक्त माध्यम बना-
मोदी बोले, हमनें देश की करोड़ों महिलाओं, किसानों, मजदूरों के बैंक खातों में एक क्लिक से हज़ारों करोड़ रुपये पहुंचा दिए। वन नेशन- वन राशन कार्ड की मदद से हमनें 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को मुफ्त राशन सुनिश्चित किया। आज दुनिया का 40% डिजिटल लेनदेन हमारे हिंदुस्तान में होता है। इसमें भी भीम, यूपीआई आज सरल डिजिटल ट्रांजेक्शन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डिजिटल इंडिया भविष्य में भी भारत की नई अर्थव्यवस्था का ठोस आधार बने, इसके लिए भी आज अनेक प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी माइंडसेट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का एक बहुत बड़ा नेटवर्क देश में तैयार किया जा रहा है। आज भारत, अगले 3-4 साल में electronics manufacturing को 300 बिलियन डॉलर से भी ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। भारत Chip Taker से Chip Maker बनना चाहता है। Semi conductors का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत में तेजी से निवेश बढ़ रहा है।