किसी भी लोकतांत्रिक देश में सरकार बनाने में मतदाता सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मतदाता किसी भी पार्टी को अपने अमूल्य वोटों से पांच साल तक सत्ता में लाते हैं। इस तरह मतदाता देश और राज्य के विकास के लिए जागरूक नागरिक के रूप में अपना कर्तव्य पूरा करते हैं। आज 25 जनवरी मंगलवार है। हर साल देश इस दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत भारत में मतदान के प्रति लोगों के गिरते रवैये को देखते हुए की गई थी।

चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य :

उत्तर प्रदेश में अगले महीने से विधानसभा चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा। भारत निर्वाचन आयोग से लेकर राजनीतिक दल (यूपी राजनीतिक दल) और सभी उम्मीदवार चुनाव की तैयारियों में लगे हैं। मतदाता दिवस मनाने का सबसे बड़ा कारण लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करना है। इसके अलावा, भारत के चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य देश के सभी मतदान केंद्र क्षेत्रों में हर साल 1 जनवरी को 18 वर्ष की आयु तक पहुंचने वाले सभी पात्र मतदाताओं को वोट देने का अधिकार देना है।

2011 में शुरू हुआ :

आज पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय संविधान के अनुसार, लोग इस अनूठे लोकतंत्र की नींव हैं, जहां जनता सरकार का चुनाव करती है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने 25 जनवरी, 2011 को चुनाव आयोग के 61वें स्थापना दिवस पर किया था। भारत निर्वाचन आयोग इस बार देश भर में अपना 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने जा रहा है।

मतदाता लेंगे शपथ :

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के खास मौके पर राज्य के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुबह 11 बजे से कलेक्टर सभागार में जिलाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलायी जायेगी। मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा वोट डालने के लिए जागरूक किया जाएगा। हर साल मतदान के दिन मतदाताओं को मतदान करने की शपथ दिलाई जाती है ताकि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिकों के रूप में सतर्क रह सकें।