भोपाल: प्रदेश के सात जिलों में दोने-पत्तल बनाये जा रहे हैं जिनकी आपूर्ति आगामी सिहस्थ 2028 में मेला प्रशासन द्वारा मेला को पूर्णतया प्लास्टिक मुक्त करने के उद्देश्य से मांग की जाने पर की सकेगी। ये दोना-पत्तल पलाश, माहुल एवं अन्य वृक्षों के पत्तों से बनाये जा रहे हैं।
राज्य के वन विभाग से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले में दक्षिण बैतूल वनोपज यूनियन द्वारा संचालित वन धन केंद्र में खेड़ी साबलीगढ़, पन्ना जिले में उत्तर पन्ना यूनियन द्वारा वनधन केंद्र हरदी एवं धरमपुर, नर्मदापुरम जिले में नर्मदापुरम यूनियन द्वारा प्राथकि लघु वनोपज सहकारी समिति केसला अंतर्गत ग्राम सहेली में वन धन योजना अंतर्गत, सीधी जिले की सीधी यूनियन द्वारा वन धन विकास केंद्र नौढिय़ा एवं गांधी ग्राम, श्योपुर जिले में श्योपुर यूनियन द्वारा वन धन विकास केंद्र श्योपुर में मशीन द्वारा, बालाघाट जिले में उत्तर बालाघाट यूनियन द्वारा वन धन केंद्र मोहगांव और दक्षिण बालाघाट यूनियन द्वारा वन धन केंद्र गोदरी तथा मंडला जिले में पूर्व मंडला यूनियन द्वारा तथा पश्चिम मंडला में मशीन द्वारा दोने-पत्तल यूनिट स्थापित कर बनाये जा रहे हैं।
डॉ. नवीन आनंद जोशी