डोरंडा कोषागार चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को पांच साल की सजा सुनाई गई है। विशेष अदालत के न्यायाधीश एसके शशि ने यह फैसला सुनाया। उन पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 15 फरवरी को, सीबीआई की एक विशेष अदालत ने लालू यादव और अन्य को 139.5 करोड़ रुपये के डोरंडा ट्रेजरी चारा घोटाले में दोषी ठहराया था। अदालत ने तब सजा की घोषणा नहीं की थी।

लेकिन अब अदालत की कार्यवाही आज ऑनलाइन हुई, जिसमें लालू ऑनलाइन शामिल हुए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव को चार अन्य चारा घोटाला मामलों (दुमका, देवघर और चाईबासा) में दोषी ठहराया गया है। जिसमें उन्हें कुल 14 साल की सजा सुनाई गई है। वहीं, लालू प्रसाद यादव को अब 60 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।

जानिए क्या है डोरंडा केस ? 

Fodder Scam Case: चारा घोटाले के डोरंडा मामले में भी लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है। मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। सजा की घोषणा आज हुई है। कोर्ट ने मामले में लालू यादव समेत 75 आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने इस मामले में छह महिलाओं समेत 24 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत इस मामले में लालू और अन्य को दोषी करार दिया है।

इस बीच कोर्ट का फैसला आते ही बाहर मौजूद राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में निराशा फैल गई। कई नेता और कार्यकर्ता इस फ़ैसले से नाराज नज़र आए। करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में लालू को अब तक दोषी ठहराया जा चुका था। चारा घोटाला मामले में देवगढ़, चाईबासा और रांची में डोरंडा कोषागार और दुमका मामलों में लालू को जमानत दी गई थी।

ऐसे हुआ चारा घोटाला -

1990-95 के दौरान, जब लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे, तब बिहार के खजाने से पशु चारा के नाम पर 950 करोड़ रुपये अवैध रूप से निकाले गए थे। 1996 में इसका पर्दाफाश हुआ और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, लालू प्रसाद मामले की चपेट में आ गए। लालू प्रसाद यादव झारखंड में चारा घोटाले के पांच मामलों में आरोपित थे। अब तक चार मामलों में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इन सभी मामलों में कोर्ट ने उन्हे दोषी करार दिया और सजा सुनाई। चारा घोटाले के सबसे बड़े और पांचवें मामले का आज फैसला हुआ है। मामला रांची के डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है।

इस मामले में शुरू में कुल 170 आरोपी थे, जिनमें से अब तक 55 की मौत हो चुकी है। मामले में सात आरोपी सरकारी गवाह बने। इस मामले के छह आरोपी अभी भी मैदान से बाहर हैं। सीबीआई की एक अदालत ने आज मामले में 99 आरोपियों के पक्ष में फैसला सुनाया। साथ ही लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है।