एक दुर्लभ संयोग के बीच आज से विघ्नहर्ता गणेश की घर-घर स्थापना की शुरुआत हो गई। ढोल ढमाकों के साथ शहर में करीब दो सौ स्थानों पर बनी झांकियों में भगवान गजानन विराज रहे हैं। गणेशोत्सव पर मंदिरों में भी विशेष अनुष्ठान भी शुरू हो गये हैं। झांकियों की स्थापना का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ है और यह देर रात तक चलेगा। घरों में भी छोटी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हो रही हैं,इस प्रतिमाओं की बाजार में खूब मांग है और दुकानदार इसकी जम कर कीमत भी वसूल रहे हैं। 

आज से 10 दिनों तक शहर में गणेशोत्सव की धूम रहेगी। हालांकि कल शाम से ही राजधानी में विभिन्न स्थानों पर लगी दुकानों एवं मूर्तिकारों के घरों पर श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा लेने के लिए पहुंचने लगे थे। मूर्तिकारों ने लंबोदर महाराज के विभिन्न मोहक स्वरूपों की मूर्तियां तैयार की हैं विभिन्न उत्सव समितियों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पूजा पंडाल की साज-सज्जा को अंतिम रूप दिया। 

तीन सौ साल बाद बना संयोग 

पंडित रामजीवन दुबे गुरुजी का कहना है कि भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी बुधवार से गणेश उत्सव का पर्व शुरू होगा। इस बार बुधवार को वो सारे योग-संयोग बन रहे हैं, जो गणेश जी के जन्म के अवसर पर बने थे। दिन बुधवार, तिथि चतुर्थी, नक्षत्र चित्रा और मध्य काल यानी दोपहर का समय। ये ही वो संयोग था जब पार्वती जी ने मिट्टी के गणेश बनाए थे और शिवजी ने उसमें प्राण प्रतिष्ठित किए थे। इसके अलावा भी कुछ दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं जो 31 अगस्त से नौ सितंबर तक रहेंगे। इस बार गुरु ग्रह से देह स्थूल योग बन रहा है। इसे आसान भाषा में लंबोदर योग भी कहते हैं। जो कि गणेश का ही एक नाम है।गणपति के जन्म काल के वक्त वीणा, वरिष्ठ, उभयचरी और अमला नाम के योग भी बनेंगे। इन पांच राजयोगों के बनने से इस बार गणेश स्थापना बेहद शुभ रहेगी।