चालान कटा आपका? हाँ हाँ कई बार कभी गलती तो कभी गलतफहमी में ... जेब ढीली करनी पड़ी होगी| लेकिन बाबु आज तो गजब हो गया .सरकारी संस्था का ही चालान काट डाला गया और वो भी पूरे दो रूपये का ... चालान वो अस्त्र है साहब जो कही से घूम कर अक्सर मासूम जनता की जेब को हल्का कर जाता है| कभी हेलमेट तो कभी सेफ्टी बेल्ट, कभी पार्किंग तो कभी गंदगी करने के नाम पर ...गाढ़ी कमाई ... पतली करनी पड़ती है| लेकिन भैया उलटी गंगा बह गई| सरकारी संस्था को लपक आईना दिखा दिया गया\ मतलब की ईमेज की एकदम कचरा ही कर दी गुरु भगवान कसम सच्ची खबर है| अब सागर वालों से कौन बचा है| अच्छे अच्छों को रास्ते पर ला देने वाले सागर के लोगों ने इस बार स्मार्ट सिटी की सारी स्मार्टनेस निकाल कर रख दी| हओ..प्रोजेक्ट को लेकर अलसाये स्मार्ट सिटी का चालान काट दिया गया| जिसके तहत यह चालान काटा गया...उस मुहीम का नाम है ... ‘जन असुविधा चालान’ बुन्देल्खंड का सागर ... स्मार्ट सिटी के लिए चुना गया| आम लोगो ने अपनी तरफ से पूरा सहयोग भी किया| लेकिन जो होता है ..वही हुआ ... | काम अव्यवस्थित हालात में कछुआ चाल से सरक रहा है| अब भैया आम लोगों को काफी तकलीफों का सामना भी करना पद रहा है| हैरान परेशान लोगों ने तय किया की ..अब ऐसे नहीं चलेगा| बल्कि सरकारी सिस्टम की तरह ही कम्पनी के खिलाफ चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा| जे बात ... भगवन कसम मजा आ गया| जागरूक नागरिक हो तो ऐसे जो शहर के विकास में एक कदम आकर पूरी मदद भी करे और हीलाहवेली करें तो सबक सिखाने में भी कोई हिचक न हो| का नाम तो सूना ही होगा| नाम क्या..भुगता भी ह जय हो साहब..जनता तो जनता ही होती है| भोली भाली एक शांत सी| इतना शांत कि कभी नेता जी ने मौज ले ली तो कभी सरकारी अधिकारी चुना लगा गए| अब भैया धेर्य भी तो किसी चिड़िया का नाम है
गजब हो गया, जनता ने काटा स्मार्ट सिटी का चालान, पब्लिक है जब अपनी पर आ जाये तो.. देख लो भैय्या ?
चालान कटा आपका? हाँ हाँ कई बार कभी गलती तो कभी गलतफहमी में ... जेब ढीली करनी पड़ी होगी| लेकिन बाबु आज तो गजब हो गया .सरकारी संस्था का ही चालान काट डाला गया और वो भी पूरे दो रूपये का ... चालान वो अस्त्र है साहब जो कही से घूम कर अक्सर मासूम जनता की जेब को हल्का कर जाता है| कभी हेलमेट तो कभी सेफ्टी बेल्ट, कभी पार्किंग तो कभी गंदगी करने के नाम पर ...गाढ़ी कमाई ... पतली करनी पड़ती है| लेकिन भैया उलटी गंगा बह गई| सरकारी संस्था को लपक आईना दिखा दिया गया\ मतलब की ईमेज की एकदम कचरा ही कर दी गुरु भगवान कसम सच्ची खबर है| अब सागर वालों से कौन बचा है| अच्छे अच्छों को रास्ते पर ला देने वाले सागर के लोगों ने इस बार स्मार्ट सिटी की सारी स्मार्टनेस निकाल कर रख दी| हओ..प्रोजेक्ट को लेकर अलसाये स्मार्ट सिटी का चालान काट दिया गया| जिसके तहत यह चालान काटा गया...उस मुहीम का नाम है ... ‘जन असुविधा चालान’ बुन्देल्खंड का सागर