कल के लिए कल को भूलना बेहतर, केवल आज की कीजिए,चिंता


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स्टोरी हाइलाइट्स

'कल' सदा के लिए बीत गया है और अब हमारी पकड़ के बाहर है..!

दिन को अधिक से अधिक कर्मठ और फलदायी बनाने के लिए हमें अपना पूरा ध्यान इस पर एकाग्र कर देना चाहिए। शायद आप जानते होंगे कि टांगे में जूते घोड़े की आंखों पर 'खोप' चढ़ाए जाते हैं, जिससे सड़क पर आ जा रही गाड़ियों की हलचल से वह डरे, बिदके या घबराए नहीं। हमें भी अपनी आंखों पर 'खोप' चढ़ाने होंगे ताकि हम आज के काम पर अपना पूरा ध्यान एकाग्र कर सकें।

यदि हम ऐसा नहीं करते तो हमारे प्रत्येक सप्ताह में दो दिन ऐसे आते है जो कि प्राय हमें परेशान किए रहते है- दो दिन, जिन्हे भय और आशंका से दूर रखने का यत्न करना चाहिए: इन दो दिनों में एक है बीता हुआ कल-कल, जोकि बीत गया है, और सदा के लिए बीत गया है, अपनी गलतियों और आशंकाओं के साथ, अपनी सावधानियों और चेतावनियों के साथ, अपनी परेशानियों और चिंताओं के साथ। 'कल' सदा के लिए बीत गया है और अब हमारी पकड़ के बाहर है।

अब दूसरे दिन पर विचार करें। अब तक आपने अनुमान लगा लिया होगा। यह आने वाला कल है। कल जोकि अपने अन्दर अर्थ-पूर्ण सम्भावनाएं लिए हुए है और लिए हुए है आशाए और आश्वासन। आने वाला कल भी हमारी पहुंच से बाहर है, क्योंकि कल सूरज उगेगा और हम उसके साथ जागेंगे। पर उस दिन की उपलब्धियां, और वह भावना जिससे हम उन्हें पाएंगे - बहुत कुछ हमारी आज की तैयारियों पर आधारित है।

इस प्रकार हमारे पास अपना एक ही दिन बच रहा है- 'आज'। अगर हम अपनी चित्तवृत्ति को केवल एक दिन - आज पर केन्द्रित कर सकें तो जिन्दगी और आसान हो जाएगी, सफलता और अधिक निश्चित हो जाएगी और उपलब्धियां और अधिक स्पष्ट हो जाएंगी।

हम जो इतनी जल्दी निराश हो बैठने हैं और अपने हाथ का काम पूरा करने में असफल रहते हैं उसका कारण यह है कि आप और हम बीते हुए कल का बोझ और आने वाले कल की चिन्ताएं आज के ऊपर डाल लेते हैं।

इसलिए हमें आज केवल आज की ही चिंता करनी चाहिए और जब हम आज का दिन अच्छी तरह बिताएंगे तो बीते हुए दिनों के लिए अफसोस करने का, अथवा आने वाले दिनों के लिए शंका करने का कहीं कोई कारण ही नहीं रह जाएगा।

तो आइए, आज की योजना बनाएं। हमें आज क्या पढ़ना है? कौन-से नये मोड़ लेने हैं? अपना पैसा कैसे खर्च करना है? हमें अपना वह उकता देने वाला काम कब करना है?

अपने निश्चय में कुछ मत उठा रखिए। बुंधली योजनाओं को भविष्य के लिए छोड़ दीजिए और हाथ के काम में जुट जाइए। यदि आप काम को स्थगित करने या रोकने का विचार रखते हों तो ये शब्द याद रखिए : "बीता हुआ कल सपने के अलावा कुछ नहीं है। आने वाला कल कल्पना मात्र है।

आज की योजना बनाइए और सफलता आपकी हैं।