सुना आपने...भैया खुशखबरी है। गली गली फिरते एलान को सुनिए...।कोई सेल या फिर एवंई कोई चीज नही है...बल्कि गुरु सोमरस के सस्ते होने की प्रचार है बिल्कुल... कई लोग महंगी शराब का सोचकर कसमसाते हुए घर में बैठे होंगे। उन तक यह सूचना पहुंचना ज़रूरी है। ताकि सभी मिलकर एक साथ.."तू मेरा भाई" है का जुमला उछाल जीवन का सुख ले सकें। अरे जो देखो वो भिनभिनाता रहता हैं..कि फलाने राज्य में यह सस्ता है..ठिकाने राज्य में यह। लो अब...जनता के सेवकों ने जनता के लिए 'गम भुलाओ' दवा के दामो में भारी कमी कर दी ...इत्ती कि महारष्ट्र वाले भी अपनी सीमा पार करके मप्र का राजस्व बढाने के लिए मजबूर हो जाएं। यह सेवा प्रचार छिंदवाड़ा जिले के लोधीखेड़ा में चल रहा है। चौंकिये मत देखिए और सुनिए.. ऐसा भी होता है। अब भले ही नियम कायदे जो भी हों..सब भाड़ में जाए.. दारू सस्ती की है तो सूचना जनता जनार्दन तक ज़रूर पहुंचाई जाएगी। ऐसा नही की महकमे के अफसरान तक चीखते भोपूं की आवाज न पहुंची हो...लेकिन साहब काम पुण्य का है तो...उन्होंने भी अपने कानों पर हाथ रख लिए। हां, वो बात अलग, कि ठेकेदार साहब से अलग से माल पेल लिया होगा। वैसे सम्बंध और रसूख भी तो कोई चीज होती है। जब ठेका सत्ताधारी दल के नेता का हो तो..सारे कायदे कानून गए तेल लेने। ठेकेदार साहब का नाम जानना चाहते हैं तो लोधीखेड़ा संपर्क करो.. बच्चे बच्चे की ज़ुबान पर है..सस्ती दारू बेचने वाले भैया का नाम। भाड़ में जाए नियम...मस्त धंधे पर ध्यान दो...माल बनाने पर फुल फोकस..।अब वहां उमाबाई...नशाबंदी को लेकर खूब कूंद लें...लेकिन माल के कमाल के आगे सब शून्य। तो भैया..खूब बेचो..जैसे चाहो... वैसे बेचो.. गंदा है पर धन्धा है। बल्कि प्रदेश के अन्य ठेकेदारों को भी सीख लेना चाहिए। बाकायदा बैंड बाजे, डीजे लगाकर प्रचार करें और सस्ती शराब बेचकर..महंगाई,बेरोजगारी,भ्रष्ट्राचार, जैसे कई बड़े मुद्दों के गम से आज़ाद करके पुण्य लाभ लें। बाकी शिव कृपा, हरि कृपा