पांच राज्यों में चुनाव के बाद तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत 3071.50 रुपए हो गई है। पहले ये 2078.50 रुपए में मिल रहा था। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी 913 रुपए के पुराने रेट पर ही मिल रहा है। मडिल क्लास के लिए यह सुकून देने वाली खबर है क्योंकि रसोई के बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।
आईओसी ने कहा कि रेट में बदलाव सिर्फ कुछ चुनिंदा इंडस्ट्रियल सेगमेंट तक सीमित रखा गया है, जिनकी खपत का हिस्सा बहुत कम है। कंपनी ने बिना अधिक जानकारी दिए कहा कि थोक और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, जो कुल खपत का 1 प्रतिशत से कम है, के भाव में संशोधन किया गया है आईओसी ने कहा कि लगभग 33 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम के सिलेंडर) के दाम नहीं बदले गए हैं।
आज से ओटीपी के बिना नहीं मिलेगी गैस डिलीवरी
आज एक मई से एलपीजी गैस सिलेंडर की ‘डिलीवरी आॅथेंटिकेशन कोड’ सिस्टम को और सख्त कर दिया गया है। नए नियम के अनुसार, जब डिलीवरी करने वाला आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। यह ओटीपी दिखाए बिना डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
अगर आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के पास अपडेट नहीं है, तो डिलीवरी करने वाला ऐप के जरिए उसे रियल-टाइम में अपडेट भी कर सकेगा, जिसके बाद कोड जनरेट होगा। यह कदम उन मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है जहां सिलेंडर किसी और के नाम पर बुक होकर कहीं और पहुंच जाते थे।
पुराण डेस्क