भोपाल: अब प्रदेश में सडक़ मार्गों पर होने वाली मौतों को रोकने के लिए गड्ढों की मरम्मत और खुले जल निकायों की बैरिकेडिंग करना होगी। इसके निर्देश सडक़ सुरक्षा पर बनी सर्वोच्च न्यायालय समिति ने जारी किये हैं। ये निर्देश मप्र के मुख्य सचिव को भेजे गये हैं तथा जहां से अब जल संसाधन विभाग सहित अन्य सडक़ निर्माण एजेंसियों को इसका पालन करने के लिये कहा गया है।
सडक़ सुरक्षा पर बनी सर्वोच्च न्यायालय समिति अपने निर्देश में कहा है कि पूरे सडक़ मार्गों के पास या उनके भीतर मौजूद मरम्मत न किए गए गड्ढों और खुले, बिना बैरिकेड वाले तथा बिना रोशनी वाले जल निकायों के कारण बड़ी संख्या में जानलेवा सडक़ दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। सडक़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे के रखरखाव में लापरवाही के कारण कई ऐसी जानें गई हैं जिन्हें बचाया जा सकता था। इसलिये अब सभी पहचाने गए गड्ढों की मरम्मत तुरंत की जाये।
अधिकारियों को रिपोर्ट किए गए खतरों पर 48 घंटों के भीतर ध्यान देने का लक्ष्य रख जाये, ताकि आगे कोई हताहत न हो। सडक़ों के पास खुले मैनहोल, नालियों और जल निकायों सहित सभी खतरनाक हिस्सों को सुरक्षित रूप से बैरिकेड किया जाये। ऐसी बैरिकेडिंग में रात के समय दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टिव टेप और साइनेज शामिल हों। सडक़ संपत्तियों का डिजाइन और रखरखाव भारतीय सडक़ कांग्रेस के मानकों के अनुरूप हो, विशेष रूप से पैदल चलने वालों की सुरक्षा और खतरों से बचाव के लिए। जिला सडक़ सुरक्षा समितियों को इन सुरक्षा मुद्दों को कवर करते हुए नियमित ऑडिट करना चाहिए और इसके लिए एक रखरखाव नीति तैयार की जाये।