मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में एक है। मकर संक्रांति का संबंध भगवान सूर्य से है और ज्योतिष के अनुसार, सूर्य हर महीने अपनी राशि बदलता है लेकिन जिस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है उस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस साल सूर्य 14 जनवरी की रात को मकर राशि में प्रवेश करेगा।
मकर संक्रांति का त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है। यह पूर्वोत्तर राज्य असम में बिहू और दक्षिण में पोंगल के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल मकर संक्रांति का पर्व कई मायनों में खास होने वाला है क्योंकि इस साल मकर संक्रांति पर एक नहीं बल्कि तीन विशेष योग बन रहे हैं।
आइए जानें इस साल मकर संक्रांति का पर्व कैसा रहेगा खास…!
वर्ष 2023 में मकर संक्रांति पर रोहिणी नक्षत्र का विशेष योग बन रहा है और उस दिन रोहिणी नक्षत्र रात्रि 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन इस नक्षत्र में स्नान, दान और पूजा करने से विशेष फल मिलता है। साथ ही मकर संक्रांति के दिन आनंदादि और ब्रह्म योग का भी शुभ संयोग होता है।
आनंदादि और ब्रह्म योग क्या है?
बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ब्रह्म योग किसी भी कार्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस योग में कोई भी कार्य शुरू करने से सफलता मिलती है और आनंदादि योग में पूजा-पाठ में किए गए कार्य से सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। माना जाता है कि इस शुभ योग में किए जाने वाले कार्यों में कभी भी कोई बाधा नहीं आती है।
मकर संक्रांति 2023 पर ग्रहों के योग-
इस साल मकर संक्रांति 2023 पर सूर्य ग्रह के साथ ही साथ चंद्रमा, शनि, बुध और गुरु ग्रह भी मकर राशि में होंगे। ज्योतिष की मानें तो इस कारण से भी इस साल मकर संक्रांति तिथि बहुत ही शुभ होगी, जिसमें स्नान, दान और पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होगी।