पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न, जानिए क्यों विरोध कर रहे ओवैसी


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स्टोरी हाइलाइट्स

एआईएमआईएम ने कहा था, कि वह पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकती..!!

केंद्र सरकार ने पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की जानकारी दी खुद का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X हैंडल पर दी है। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा है कि यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधान मंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गरू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

तेलंगाना में लंबे समय से पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने की मांग की जाती रही है। वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम इसके विरोध में रही। एआईएमआईएम ने कहा था, कि वह पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकती। 

आपको बता दें कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव काफी लंबे समय से नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर रहे थे।  उनका कहना था, कि पीवी नरसिम्हा राव ने विभिन्न पदों पर अविभाजित आंध्र प्रदेश और भारत की सेवा की है। भारत में आर्थिक सुधार लाने में नरसिम्हा राव के योगदान को कौन भूल सकता है।

वहीं औवेसी की पार्टी लंबे समय से इसका विरोध करती आ रही है। विरोध करते हुए एआईएमआईएम ने कहा था कि जब पीवी नरसिम्हा देश के प्रधानमंत्री थे तब अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। पार्टी ने कहा कि भले ही टीआरएस उन्हें भारत रत्न देने की मांग कर रही है, लेकिन एआईएमआईएम इससे खुश नहीं रही।

पीवी नरसिम्हा राव भारत के नौवें प्रधान मंत्री थे। वह 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक भारत के प्रधान मंत्री रहे। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी।