नौ टाइगर रिजर्व के 8 हजार वर्ग किमी के बफर क्षेत्र का 390 करोड़ में विकास करने का आदेश जारी


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स्टोरी हाइलाइट्स

राशि वर्ष 2026-25 से वर्ष 2030-31 तक पांच वर्षों में व्यय की जायेगी, इस नवीन योजना का उद्देश्य टाइगर रिजर्वों के बफर क्षेत्रों के संवेदनशील एरिया में चैनलिंक फेंसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्रोतों का विकास, अग्रि सुरक्षा, वन्यप्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण एवं कौशल उन्नयन, पेट्रोलिंग कैम्प की स्थापना, ईको विकास कार्य करने का है। इससे जैविक दबाव कम होगा और पारिस्थितिकीय सेवाओं में बढ़ौत्तरी होगी..!!

भोपाल: राज्य सरकार के वन विभाग ने नौ टाइगर रिजर्व के 8 हजार 109.531 किमी बफर क्षेत्र के विकास के लिये 390 करोड़ रुपये व्यय करने की स्वीकृति देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। यह राशि वर्ष 2026-25 से वर्ष 2030-31 तक पांच वर्षों में व्यय की जायेगी। इस नवीन योजना का उद्देश्य टाइगर रिजर्वों के बफर क्षेत्रों के संवेदनशील एरिया में चैनलिंक फेंसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्रोतों का विकास, अग्रि सुरक्षा, वन्यप्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण एवं कौशल उन्नयन, पेट्रोलिंग कैम्प की स्थापना, ईको विकास कार्य करने का है। इससे जैविक दबाव कम होगा और पारिस्थितिकीय सेवाओं में बढ़ौत्तरी होगी। 

पहले वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत 50 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे। जबकि अन्य वर्षों में क्रमश: 70, 80, 90 एवं 100 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। पूरी राशि राज्य सरकार अपने बजट से वहन करेगी। इस योजना में जनहानि, जनघायल एवं पशु हानि के विगत वर्षों के घटित प्रकरणों की जानकारी जीआईएस आधारित नक्शे पर दर्शाकर हॉटस्पॉट को चिन्हांकित कर मानव-वन्यप्राणी द्वन्द कम करने हेतु प्राथमिकता तैयार की जायेगी। इसके अलावा, योजना के तहत टाइगर रिजर्व जोडऩे वाले सभी कॉरीडोर में स्थित बिगड़े वन, छोटे-बड़े झाड़ के जंगलों को वन्यप्राणी संरक्षण की दृष्टि से चिन्हांकित कर उन्हें विकसित किया जायेगा।