पंडित जी की कथा और उपायों का चर्चा देश के बाद अब विदेशों में भी काफी आम है| विद्वान् पंडित जी की एक झलक के लिए लाखों आस्थावान भक्त उनकी कथाओं में शामिल हो रहें हैं| तो वो भी, जिन्होंने पंडित की बताया उपाय किया और उसका लाभ लिया| कहतें हैं,पंडित जी की कथा से कोई खाली हाथ नहीं जाता| छोटे छोटे उपाय हर इंसान की पीड़ा,परेशानी हर लेते हैं| सिवाय एक के ... जो आज भी पंडित जी का इंतज़ार में व्याकुल हैं और वो है...सोमेश्वर महादेव| रायसेन के किले पर ताले की भीतर बैठे महादेव को पंडित की का इंतज़ार है| वर्षों से ताले में रहने से भोले अत्यधिक बैचेन हैं| कुछ दिनों पहले, पंडित जी रायसेन कथा के लिए आए तो पूरा घटनाक्रम सुनकर व्याकुल हो गए| आँखों में नमी थी तो भाल पर क्रोध की लकीरें| पंडित जी के एक ललकार से स्थानीय प्रशासन से भोपाल में बैठी सरकार भी हिल गई| लगा कि .. महादेव को अब ताले से मुक्ति मिलेगी| हालांकि सोमश्वर साक्षात ईश्वर का स्वरूप हैं| लेकिन भगवान भी लीला करते हैं तो माध्यम इंसान को ही बनाते हैं| सो लगा कि यह महत्वपूर्ण माध्यम..पंडितप्रदीपमिश्रासीहोरवाले ही है| पंडित जी ने आव्हान किया और असर भी खासा था| लेकिन कथा कार्यक्रम पूर्व से नियत थे| इसके चलते पंडित जी को पहले हरिद्वार और रतलाम जाना पड़ा और अब रायसेन की सीमा से सटे नर्मदापुरम में कथा के लिए पधारे हैं| पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा अब लाखों भक्तो की मौजूदगी में नर्मदापुरम में जारी है| आशा है कि पंडित जी अब सोमेश्वर के पास लौटेंगे ज़रुर| और जल्द ही महादेव अपने भक्तो को चौबीसों घंटे दर्शन देने के लिए हर बंधन से आज़ाद होंगे|