प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अफगान सिख-हिंदू प्रतिनिधिमंडल से उनके आवास पर मुलाकात की। पीएम ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इवेंट की तस्वीरें शेयर की गई हैं। इस बीच सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी को एक तलवार और एक अफगान साफा भी भेट किया।
Prime Minister Narendra Modi met members of the Sikh-Hindu Delegation from Afghanistan at 7 Lok Kalyan Marg earlier today. They honoured the Prime Minister and thanked him for bringing Sikhs and Hindus safely to India from Afghanistan: Prime Minister's Office (PMO) pic.twitter.com/vDrwMY4xef
— ANI (@ANI) February 19, 2022
यह लगातार दूसरा दिन है जब पीएम ने सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात की है। इससे पहले शुक्रवार को पीएम ने सिख समुदाय के कुछ सदस्यों से मुलाकात की थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा सिख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जिन्होंने 7, लोक कल्याण मार्ग पर पीएम से मुलाकात की थी।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi met an Afghan Sikh-Hindu delegation at his residence in Delhi, earlier today.
— ANI (@ANI) February 19, 2022
(Source: PMO) pic.twitter.com/CviHjtyKDR
सिरसा ने जानकारी देते हुए कहा कि, बैठक का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। अफगान सिख-हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने धन्यवाद देने के लिए मोदी से मुलाकात की थी। हमने कुछ ऐसे मुद्दे उठाए जिनका सिख सामना कर रहे हैं और प्रधानमंत्री ने उन्हें हल करने का वादा किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा साझा की गई बैठक के एक वीडियो में सिख प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को एक कृपाण भेंट किया।
बैठक का नहीं था कोई राजनीतिक एजेंडा :
हरमीत सिंह कालका ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने पीएम से मुलाकात की और कई मुद्दों को उठाया और सिख विश्वविद्यालय की स्थापना सहित कुछ अनुरोध भी किए। कालका ने कहा कि बैठक का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। श्री गुरु सिंह सभा इंदौर के अध्यक्ष मनजीत सिंह भाटिया ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि सभी के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। आज गैर राजनीतिक लोगों को बुलाकर मुद्दों पर चर्चा की गई।
पीएम को भेट किए कई तोहफे :
पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान अफगान सिख-हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें कई चीजें भेंट कीं। इनमें अफगान साफा और तलवार शामिल हैं। बैठक के दौरान पीएम मोदी को सिख समुदाय से जुड़ी धार्मिक और पवित्र किताबें भी भेंट की गईं, जिन्हें प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। आपको बता दें कि भारत बड़ी संख्या में अफगान सिखों और हिंदुओं का घर है और हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद उनमें से ज्यादातर को भारत सरकार ने भारत में पनाह दी। मोदी सरकार ने अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे अल्पसंख्यकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बार-बार व्यक्त की है।