नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस (राज्यसभा में पीएम मोदी का भाषण) का जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस पर हमला बोला था, लेकिन अब राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस न होती तो क्या होता ? यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे कांग्रेस नेता हमेशा उठाते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आज इस सवाल पर अपना जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, पहले कहा जाता था, 'इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया'। लेकिन अगर कांग्रेस न होती तो देश को आपातकाल के रूप में कलंकित नहीं किया जाता। कांग्रेस न होती तो कश्मीरी पंडित नहीं भागे होते, कांग्रेस न होती तो तंदूर में लड़कियों की हत्या नहीं होती, कांग्रेस के बिना देश में भ्रष्टाचार नहीं होता।
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— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2022
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि, भारत ने कोरोना संकट से उबरने के लिए स्वदेशी टीके विकसित किए। देश के वैज्ञानिकों ने बहुत अच्छा काम किया है। टीकाकरण अभियान चलाया गया। भारत के इस अभियान की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। कांग्रेस इसका श्रेय लेने की कोशिश करती तो बेहतर होता।
पीएम मोदी ने किया शरद पवार का शुक्रिया अदा :
कुछ को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने कोरोना संकट को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। हालांकि, कांग्रेस नेता ने स्वयं बैठक में भाग लिया और अन्य दलों को भाग लेने से रोकने के प्रयास किए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार भी किया लेकिन यह यूपीए का फैसला नहीं था। मैं शरद पवार को धन्यवाद देता हूं। शरद पवार मौजूद रहे और उन्होंने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। बैठक में शरद पवार के साथ तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दल भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि करोना का संकट मानवजाति पर था, फिर भी आपने बैठक का बहिष्कार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना :
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, अगर कांग्रेस पार्टी के पास इतना निराश नेता है तो पार्टी का क्या होगा ? क्या देश को तभी चिंता होती है जब वह संसद में बैठा हो ? प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि अगर आप किसी से कुछ सीखना चाहते हो तो कम से कम शरद पवार से दो बातें सीखिए। कोरोना संकट के पिछले दो वर्षों में कुछ अपरिपक्वता देखी गई है। जिसने देश को निराश किया। राजनीतिक फायदे के लिए बड़े-बड़े हथकंडे अपनाए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भारत के स्वदेशी टीकों के खिलाफ भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया।