अमरावती सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। राणा ने पत्र में कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। राणा ने लिखा, मुझे 23 अप्रैल 2022 को खार पुलिस थाने ले जाया गया। रात मैंने थाने में बिताई। मैंने पीने के लिए पानी मांगा लेकिन मुझे पानी नहीं दिया गया।
It's my honest & bona fide belief that Shiv Sena under Uddhav Thackeray completely strayed from its avowed Hindutva principles for obvious reasons since it wanted to betray public mandate&form post-poll alliance with INC-NCP: Amravati MP Navneet Rana writes to LS Speaker Om Birla pic.twitter.com/B3XMOnn8NI
— ANI (@ANI) April 25, 2022
राणा ने आगे लिखा, मुझे आश्चर्य हुआ जब पुलिस स्टाफ ने कहा कि मैं अनुसूचित जाति से हूं, तो वे मुझे उस गिलास में पानी नहीं देंगे। जाति के आधार पर मेरे साथ गाली-गलौज की गई और इस वजह से मुझे पीने का पानी तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, अनुसूचित जाति से होने के कारण मुझे पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया।
राणा ने पत्र में आगे लिखा, मैं वास्तव में मानती हूं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना चुनावी कारणों से अपने स्पष्ट हिंदुत्व सिद्धांतों से पूरी तरह से भटक गई है क्योंकि वह जनता के जनादेश को धोखा देना चाहती थी और खुद कांग्रेस-एनसीपी के साथ गठबंधन करना चाहती थी।
राणा ने कहा, शिवसेना में हिंदुत्व की लौ को फिर से जगाने की सच्ची आशा के साथ, मैंने घोषणा की कि मैं मुख्यमंत्री के आवास पर जाऊंगी और उनके आवास के बाहर "हनुमान चालीसा" का पाठ करूंगी। लेकिन इसका उद्देश्य किसी भी धार्मिक तनाव को भड़काना नहीं था।
राणा ने पत्र में कहा, मैंने मुख्यमंत्री को 'हनुमान चालीसा' के पाठ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। मैं दोहराती हूं कि मेरी गतिविधि मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं थी। हालाँकि, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मेरी गतिविधियाँ मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं, इसलिए मैंने हनुमान चालीसा पढ़ने की जिद छोड़ दी और कहा कि मैं सीएम के आवास पर नहीं जाऊंगी। मैं अपने पति और विधायक रवि राणा के साथ अपने घर में कैद थी। लेकिन इन सब के बाद भी पुलिस ने राज्य सरकार के कहने पर हमे गिरफ्तार किया। यह पूरी तरह से कानून का दुरूपयोग है।