देवभूमि में चल रही चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। तीन मई को अक्षय तृतीया के पर्व से शुरू चारधाम यात्रा के लिए रोज़ बड़ी संख्या संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुँच रहे हैं। दूसरी ओर इस साल चारधाम यात्रा में अब तक सबसे अधिक मौतों होने की बात सामने आई है। 26 जून तक चारधाम यात्रा पर आने वाले 203 श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जान गंवा चुके हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा 97 तीर्थयात्रियों की मौत केदारनाथ में हुई है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ में 51, यमुनोत्री में 42 और गंगोत्री में 13 तीर्थयात्रियों ने दम तोड़ा है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की मौत पहले भी होती रही है, लेकिन इस बार ये आंकड़े अपेक्षाकृत कहीं अधिक हैं। 

इससे पहले, 2019 में 90 से ज्यादा, 2018 में 102, 2017 में 112 चारधाम तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई थी। ये आंकड़े अप्रैल-मई में यात्रा शुरू होने से लेकर अक्टूबर-नवंबर में उसके बंद होने तक यानी छह माह की अवधि के हैं। जबकि इस साल केवल जून तक ही यह संख्या 200 के पार हो चुकी है।  

सरकार के मुताबिक अधिकतर श्रद्धालुओं की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई है। इसके अलावा, विषम पहाड़ी मौसमी हालातों ने विशेष रूप से बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को चपेट में लिया है। इस बार ज्यादा तीर्थयात्रियों की मौत की वजह अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आना माना जा रहा है। 

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श इस सबंध में गठित एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा में दम तोड़ने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 50 वर्ष से ज्यादा थी और उनमें से कई पूर्व में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। जिन लोगों की जान गई है उनमें ज्यादातर लोग हाइपरटेंशन, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से भी पीड़ित थे।  

उत्तराखंड सरकार ने भी चारधाम यात्रा के लिए जारी गाइड लाइन में तीर्थयात्रियों से अपनी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा आरंभ करने को कहा है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दस हजार फ़ीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित होने के कारण अत्यधिक ठंड, कम आर्द्रता, कम हवा का दबाव और ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर यह गाइड लाइन जारी की गई है। 

गौरतलब है कि पिछले दो साल से कोविड-19 के कारण बाधित रही चारधाम यात्रा में इस बार देश-विदेश के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और केवल पौने दो माह की अवधि में ही अब तक साढ़े 25 लाख श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं।