संसद के बजट सत्र के 7वें दिन पीएम मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। राज्यसभा में भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत लता मंगेशकर के परिवार के हवाले से कुछ ऐसा कहा जिसके बारे में आज बहुत से लोग नहीं जानते होंगे।

पीएम ने कही यह बात :

पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के छोटे भाई पंडित हृदयनाथ को ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया था। उनका अपराध यह था कि उन्होंने वीर सावरकर की देशभक्ति कविता को रेडियो पर प्रस्तुत किया। उन्हें 8 दिन बाद ही निकाल दिया गया था। अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि मजरूह सुल्तानपुरी और प्रोफेसर धर्मपाल दोनों को कांग्रेस शासन के दौरान नेहरू की आलोचना करने के लिए जेल भेजा गया था।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब किशोर कुमार आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के सामने नहीं झुके, तो उन्हें ऑल इंडिया रेडियो (AIR) पर गाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। हम जानते हैं कि कैसे एक परिवार के असहमत होने पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कटौती की गई थी। दरअसल, इन उदाहरणों के जरिए पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आलोचना का जवाब दिया।

मुझे किया गया प्रताड़ित : मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्र और राज्यों को जवाब देते हुए अतीत की कई राजनीतिक घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि जब राज्य प्रगति करते हैं तो देश आगे बढ़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि मैं गुजरात में था, उस समय केंद्र सरकार ने मेरे ऊपर क्या अत्याचार किए, इतिहास गवाह है, मेरे साथ क्या हुआ, गुजरात का क्या हुआ, यह इतिहास ने देखा है। लेकिन उस दौर में भी मैं वही कह रहा था कि गुजरात का विकास देश के विकास के लिए है। उन्होंने यह नहीं सोचा कि दिल्ली में किसकी सरकार है।