आज सावन का दूसरा सोमवार है। सावन सोमवार होने के साथ ही आज सोम प्रदोष भी है। साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और धुव्र योग भी बन रहा है। इससे यह सोमवार खास हो गया है। सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। इस पवित्र महीने में शिव आराधना का अलग ही महत्व होता है। याज प्रदोष व्रत का भी शुभ संयोग बन रहा है।  
 
श्रावण माह में पड़ने वाले सोम प्रदोष की महत्ता बहुत अधिक होती है। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत भी भगवान शंकर को समर्पित माना गया है। इसके साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि के साथ धुव्र योग बन रहा है। इस योग में पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव व माता पार्वती के आशीर्वाद से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। 

यदि आप पूरे सावन शिवोपासना नहीं कर पा रहे हैं तो सोम प्रदोष के दिन भक्ति-भाव से जल, गंगाजल, बिल्वपत्र, धतूरा, दूध, पंचामृत, अक्षत आदि से पूजन करें और मुख से बम-बम की ध्वनि निकालें जिससे भगवान आशुतोष शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा इस दिन आप अपनी राशि के अनुसार ये पूजा सामग्री भी शिवलिंग पर अर्पित करते हैं तो ऐसा करना आपके लिए बेहद शुभ और फलदाई रहेगा।

यह माना जाता ही कि सावन सोमवार पर पूजन अर्चना से देवाधिदेव महादेव की कृपा और आशीर्वाद बना रहता है और धरती का कोना-कोना पुष्पित और पल्लवित रहता। हर घर-आंगन धन-धान्य और आनंद से भरा रहता है।