महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आज शिंदे गुट की याचिका पर सुनवाई की। यह सुनवाई 2 जजों की बेंच ने की। शिंदे गुट की तरफ़ से नीरज किशन कौल ने कोर्ट में दलील दी। इस बीच कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर और केंद्र समेत सभी पक्षों को नोटिस भेजा है।
कोर्ट ने शिवसेना नेता अजय चौधरी, सुनील प्रभु को भी नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 11 जुलाई को निर्धारित की गई है।
महाराष्ट्र में शिंदे गुट को बड़ी कानूनी राहत।
— AajTak (@aajtak) June 27, 2022
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बागी विधायकों को राहत-
बागी विधायकों को आज उन्हें अयोग्य ठहराने वाले नोटिस का जवाब देना था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर 11 जुलाई तक रोक लगा दी है, यानी कोर्ट के अगले आदेश तक बागी विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है।
विधायकों की सुरक्षा का मुद्दा कोर्ट में उठा-
बागी विधायकों के वकीलों ने कोर्ट में उनकी सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से विधायकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा है।
सरकार 39 विधायकों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करे: SC
शिंदे गुट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए और सभी विधायकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
उनकी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुचाएं, इसका ध्यान रखें। इससे पहले जस्टिस सूर्यकांत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर 11 जुलाई की शाम 5.30 बजे तक रोक लगा दी।