शिंदे गुट के विधायक दीपक केसरकर ने शनिवार को "शिवसेना कार्यसमिति की बैठक" के बाद अपना एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा, हम अभी भी शिवसेना के ही सदस्य हैं। हमारे पास पार्टी के विधायकों का दो-तिहाई बहुमत है। हमें उम्मीद है कि उद्धव ठाकरे हमारी बात सुनेंगे।
We are still in Shiv Sena, there's misunderstanding that we've left the party. We've just separated our faction. We've 2-3rd majority to follow the path we wanted. Our new leader chosen by majority. They didn't have more than 16-17 MLAs: Rebel Shiv Sena MLA Deepak Kesarkar pic.twitter.com/9HDiiRijMe
— ANI (@ANI) June 25, 2022
#WATCH | Assam: A meeting of the rebel MLAs begins in the presence of Eknath Shinde in a hotel in Guwahati pic.twitter.com/ra9c01qDCH
— ANI (@ANI) June 25, 2022
उन्होंने कहा हम हमेशा शिवसैनिक ही रहेंगे। क्योंकि हम शिवसेना से अलग नहीं हुए हैं। हमने शिवसेना का नाम अलग से नहीं मांगा है। हम शिवसेना के असल विचारों को लेकर चलने की बात कर रहे हैं।
No party is paying for our expenses (of hotel accommodation), our leader Eknath Shinde called us and we came and stayed here (Guwahati hotel); will pay the expenses. BJP isn't behind all of this: Rebel MLA Deepak Kesarkar pic.twitter.com/avK5SPxWUK
— ANI (@ANI) June 25, 2022
दीपक केसरकर ने आगे कहा कि शिंदे विधायक दल के नेता हैं। हम शिवसेना के टिकट पर जीते हैं। हमने पार्टी नहीं छोड़ी है। पार्टी को हाईजैक नहीं किया गया है लेकिन एनसीपी शिवसेना को हाईजैक करने वाली है। अब आगे शिंदे तय करेंगे कि भाजपा को समर्थन देना है या नहीं।
बालासाहेब के नाम का इस्तेमाल राजनीति में करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना इस मुद्दे पर चुनाव आयोग जाती है तो आयोग जो फ़ैसला सुनाएगा उसका हम पालन करेंगे।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के बीच कार्यसमिति की बैठक के बाद उद्धव ठाकरे का गुट राजनीति में बाला साहेब ठाकरे के नाम के इस्तेमाल के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखेगा। पत्र में बालासाहेब और शिवसेना नाम के राजनीति में आगे इस्तेमाल पर रोक की मांग हो सकती है।