शिंदे गुट के विधायक दीपक केसरकर ने शनिवार को "शिवसेना कार्यसमिति की बैठक" के बाद अपना एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा, हम अभी भी शिवसेना के ही सदस्य हैं। हमारे पास पार्टी के विधायकों का दो-तिहाई बहुमत है। हमें उम्मीद है कि उद्धव ठाकरे हमारी बात सुनेंगे।

उन्होंने कहा हम हमेशा शिवसैनिक ही रहेंगे। क्योंकि हम शिवसेना से अलग नहीं हुए हैं। हमने शिवसेना का नाम अलग से नहीं मांगा है। हम शिवसेना के असल विचारों को लेकर चलने की बात कर रहे हैं।

दीपक केसरकर ने आगे कहा कि शिंदे विधायक दल के नेता हैं। हम शिवसेना के टिकट पर जीते हैं। हमने पार्टी नहीं छोड़ी है। पार्टी को हाईजैक नहीं किया गया है लेकिन एनसीपी शिवसेना को हाईजैक करने वाली है। अब आगे शिंदे तय करेंगे कि भाजपा को समर्थन देना है या नहीं।

बालासाहेब के नाम का इस्तेमाल राजनीति में करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना इस मुद्दे पर चुनाव आयोग जाती है तो आयोग जो फ़ैसला सुनाएगा उसका हम पालन करेंगे।

मीडिया सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के बीच कार्यसमिति की बैठक के बाद उद्धव ठाकरे का गुट राजनीति में बाला साहेब ठाकरे के नाम के इस्तेमाल के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखेगा। पत्र में बालासाहेब और शिवसेना नाम के राजनीति में आगे इस्तेमाल पर रोक की मांग हो सकती है।