सोनिया गांधी ने ईडी से पूछताछ के लिए मांगा और समय, स्वास्थ्य का दिया हवाला


स्टोरी हाइलाइट्स

सोनिया गांधी को आठ जून को ईडी ने पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं थीं. फ़िलहाल उन्होंने ईडी से एक हफ़्ते का समय मांगा है..!

नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय से जांच को एक हफ्ते के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है। सोनिया ने ईडी को पत्र लिखकर जांच को अस्थायी रूप से तब तक के लिए स्थगित करने की मांग की है जब तक कि फेफड़ों का संक्रमण ठीक नहीं हो जाता।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, सोनिया गांधी के कोरोना और फेफड़ों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब डॉक्टरों ने उन्हें घर पर ही आराम करने की सलाह दी है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष ने आज ईडी को पत्र लिखकर मांग की है कि उनकी जांच की तारीख अगले कुछ हफ्तों के लिए तब तक बढ़ा दी जाए जब तक कि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती।

सोनिया गांधी को गुरुवार 23 जून को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष को हाल ही में कोरोना संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें सोमवार शाम को छुट्टी दे दी गई। कांग्रेस का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में ईडी ने राहुल गांधी से 5 दिनों तक पूछताछ की है। मंगलवार को ईडी के अधिकारियों ने राहुल से 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। पिछले हफ्ते सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार तीन दिनों तक ईडी के अधिकारियों ने राहुल से 30 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की, इस दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान दर्ज किए गए।

अब तक की पूछताछ में राहुल से यंग इंडियन की स्थापना, नेशनल हेराल्ड के संचालन और कांग्रेस द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को दिए गए कर्ज और एक मीडिया संगठन को फंड ट्रांसफर करने के बारे में पूछा गया है। 'यंग इंडियन' के प्रमोटरों और शेयरधारकों में सोनिया और राहुल गांधी सहित कई अन्य कांग्रेस नेता हैं। कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को केंद्र सरकार के विपक्षी नेताओं से बदला लेने की नीति करार दिया है।