Sukhoi Su-30 MKI Crash: गुरुवार 5 मार्च की शाम असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हुए सुखोई Su-30 MKI फाइटर एयरक्राफ्ट के दोनों पायलट इस हादसे में मारे गए। एयर फोर्स के एक ऑफिशियल बयान के मुताबिक, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुर्गाकर इस जानलेवा हादसे में शहीद हो गए।
एयर फोर्स के मुताबिक, सुखोई Su-30 MKI एयरक्राफ्ट गुरुवार शाम को एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था। एयरक्राफ्ट ने असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरी थी। गुरुवार शाम 7:42 बजे रडार और ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इसके बाद, एयरक्राफ्ट को लेट घोषित कर दिया गया और तुरंत एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
प्लेन जोरहाट से करीब 60 km दूर कार्बी आंगलोंग जिले के बोकाजन में एक दूरदराज के पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शाम को एक ज़ोरदार धमाका और क्रैश की आवाज़ सुनी। खराब मौसम और मुश्किल इलाके के बावजूद, बचाव दल शुक्रवार सुबह जल्दी क्रैश साइट पर पहुँचे और दोनों के शव बरामद किए।
इंडियन एयर फ़ोर्स ने शुक्रवार सुबह एक इमोशनल मैसेज शेयर करते हुए कहा, "इंडियन एयर फ़ोर्स इस सुखोई क्रैश में जान गंवाने वाले स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ़्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गाकर के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। एयर फ़ोर्स के सभी कर्मचारी दुखी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मज़बूती से खड़े हैं।"
सुखोई Su-30 MKI को इंडियन एयर फ़ोर्स के बेड़े का सबसे शक्तिशाली और भरोसेमंद लड़ाकू विमान माना जाता है। एक रूटीन ट्रेनिंग फ़्लाइट के दौरान हुए इस क्रैश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एयर फ़ोर्स ने दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी का आदेश दिया है। तकनीकी खराबी या मानवीय भूल सहित सभी पहलुओं की पूरी जाँच की जाएगी।
दोनों अफ़सर एयर फ़ोर्स के होनहार पायलट थे। उनकी मौत से न केवल सेना में बल्कि पूरे देश में दुख की लहर दौड़ गई है।
पुराण डेस्क