विमानों की खराबी तत्काल ठीक की जा सकेगी

मुंबई की एयरक्राफ्ट रिपेयर एवं मेंटेनेंस कंपनी एयरो टेक्निक्स को अथॉरिटी ने पांच एकड़ जमीन लीज पर देने का अनुबंध किया है। अथॉरिटी के पास पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल रोड पर स्थित यह जमीन काफी समय से खाली पड़ी थी। यहां कुछ हिस्से पर सोलर पावर प्लांट का निर्माण किया गया है। बचे हुए हिस्से पर एयरो टेक्निक्स एमआरओ हैंगर बनाएगी। बुधवार को दोनों पक्षों के बीच अनुबंध हो गया। निर्माण कार्य एक साल में पूरा होगा। कंपनी को विमानों के नियमित मेंटेनेंस के लिए जरूरी उपकरण भी लगाने होंगे।

भोपाल एयरपोर्ट पर मुंबई की कंपनी बनाएगी एमआरओ हैंगर

नाइट पार्किंग को बढ़ावा मिलेगा

एमआरओ हैंगर बनने से एयरलाइंस कंपनियां भोपाल में विमानों की नाइट पार्किंग कर सकेंगी। हैंगर बनने से विमानों की सर्विस रात के समय भी हो सकेगी। हैंगर में विमान की पूरी जांच (ओवरहालिंग) हो सकेगी। सुबह विमान बिना विलंब के समय पर टेकआफ हो सकेंगे। यात्रियों को अचानक उड़ान लेट होने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

एयरलाइन कंपनियों को होगी सुविधा

एमआरओ हैंगर नहीं होने के कारण विमान में तकनीकी खराबी आने पर स्थानीय स्तर पर उन्हें नहीं सुधारा जा सकता। विमान सुधारने के लिए एयरलाइंस कंपनियों को दिल्ली या मुंबई से इंजीनियर बुलाने पड़ते हैं, इसमें समय और पैसा बर्बाद होता है। हेंगर बनाने से कंपनियां रन-वे के पास से ही विमान को हैंगर तक ले जा सकेगी। बड़ी खराबी को भी कुछ ही मिनटों में सुधारा जा सकेगा। यात्रियों को भी घंटों इंतजार करने की समस्या से निजात मिल जाएगी। विमानों का नियमित मेंटेनेंस भी यहा हो सकेगा।

एयरपोर्ट अथॉरिटी को मिलेंगे हर साल दो करोड़

हैंगर का निर्माण होने से एयरपोर्ट अथॉरिटी को बिना लागत के हर साल करीब दो करोड़ रुपये मिलेंगे। अथॉरिटी ने कंपनी के साथ जो अनुबंध किया है उसके अनुसार कंपनी को भवन एवं शेड निर्माण के साथ उपकरणों की स्थापना भी अपने स्तर पर करनी होगी। अथॉरिटी केवल पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी एयरपोर्ट डायरेक्टर केएल अग्रवाल के अनुसार अगले साल तक हैंगर बन जाएगा। अब भोपाल से नई एयरलाइंस कंपनियां भी आकर्षित होंगी। उड़ानों की संख्या बढ़ सकती