देश में कोरोना वायरस मामलों की संख्या घटने के साथ ही सरकार ने प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू कर दी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सरकार ने 14 फरवरी से देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कोरोना के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब विदेश से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर सात दिन तक आइसोलेशन में नहीं रहना पड़ेगा।

केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक सभी यात्री आने के बाद 14 दिनों तक खुद के स्वास्थ्य पर नजर रख सकेंगे। सेल्फ मॉनिटरिंग के दौरान अगर यात्रियों में कोरोना के लक्षण दिखे तो उन्हें तुरंत आइसोलेट कर दिया जाएगा। साथ ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को भी रिपोर्ट करें या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (1075)/ राज्य हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश 14 फरवरी से लागू होंगे।

नए दिशा निर्देशों के अनुसार, यात्रा शुरू होने से 72 घंटे पहले आरटी-पीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से अपलोड करने को छोड़कर यात्री अपना पूरा टीकाकरण प्रमाण पत्र दिखा सकते हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने उच्च ओमिकॉन केस वाले विभिन्न देशों के लिए 'जोखिम में' जारी गाइडलाइंस को हटा दी है। विदेश से भारत आने वालों के लिए सरकार ने अनिवार्य सात दिन के होम क्वारंटाइन से राहत दी है। इसके बजाय यात्रियों को 14 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की स्व-निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, साफ है कि अब जोखिम वाले लोगों और दूसरे देशों से आने वालों में कोई अंतर नहीं होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संबंधित एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों को यात्रियों को टिकट देने के साथ-साथ भारत में जारी कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर भी नियम बनाने होंगे। विमान में सवार यात्रियों को अपने मोबाइल में हेल्थ ब्रिज एप डाउनलोड करना होगा। अगर यात्रा के दौरान किसी यात्री में लक्षण दिखते हैं तो उसे निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आइसोलेट किया जाना चाहिए।