हिंदू शास्त्रों में ‘गाय’ को ‘माता’ का दर्जा प्राप्त है। कोई भी शुभ काम बिना गौ माता की पूजा-पाठ के संपन्न होता नहीं है। सियासत में भी गौ माता के प्रति बड़े-बड़े मंचों से आस्था प्रकट की जाती है। फिर चाहे इसके पीछे मकसद आस्था हो, या फिर सियासत की सीढ़ी चढाने वाला हिंदू वोट बैंक..! इस पर समय के अनुसार सबका अलग-अलग नज़रिया जरुर सामने आता है।
खैर, मकसद कुछ भी हो लेकिन सरकार द्वारा गौ संरक्षण के लिए चालू की गई कई सरकारी योजनाएं अवश्य एक सराहनीय प्रयास है लेकिन मौजूदा समय में हम सरकारी कागजों से हटकर जमीनी स्तर पर गौ संरक्षण के दावों को देखें तो वह दम तोड़ते नजर आ रहें हैं। कई जगहों से आने वाली तस्वीरें सरकारी दावों की पोल भी खोल रही हैं।
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— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) September 15, 2022
गायों की यह दुर्दशा मध्य प्रदेश में मंजर-ए-आम है।
क्योंकि सड़के ही गौशाला बन चुकी हैं !
घटना NH 12 सेमरी खुर्द सुल्तानपुर जिला रायसेन की। pic.twitter.com/faGwUqrwDY
हाल ही में मध्यप्रदेश के रायसेन ज़िले से सड़क हादसे की जो तस्वीर सामने आई है उसने शायद सियासत को भी अपने प्रयास पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया होगा। बता दें कि रायसेन में सड़क हादसे में 12 से ज्यादा गायों की मौत हो गई। यह हादसा रायसेन के राष्ट्रीय राजमार्ग NH-12 के सेमरी खुर्द सुल्तानपुर के पास हुआ। इससे पहले भी लापरवाही की कुछ ऐसी ही तस्वीरें कटनी ज़िले से भी सामने आ चुकी हैं।
इन तस्वीरों को देख 'गौ संरक्षण' के सरकारी दावों पर सवाल उठना तो शायद लाजमी है। सरकार द्वारा शुरू की गई "गौ कैबिनेट" हो, या फिर गोधन संरक्षण के लिए प्रदेश भर में "गौशालाओं" का निर्माण करना हो, इसकी हकीकत सड़कों पर आज भी साफ़ नज़र आती है। सड़कों पर वाहनों के सामने पशुओं का लंबा झुंड लगभग सभी शहरों में देखने को मिलता है। ऐसे हालातों को देख "गोधन संरक्षण" के नाम पर चालू योजनायें सिर्फ़ सरकारी कागजों तक ही सीमित नजर आती हैं।
मध्यप्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग NH 12 के सेमरी खुर्द सुल्तानपुर जिला रायसेन, मध्यप्रदेश में दर्जनों गांवों की मौत की दर्दनाक तस्वीर।
— MP Congress (@INCMP) September 15, 2022
यह असहनीय और पीड़ादायक दृश्य देखकर धरने पर बैठे महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा।
शिवराज जी,
गौमाता की याद सिर्फ़ चुनाव में आयेगी ❓ pic.twitter.com/DQuvwEK3K5
फ़िलहाल गौ माता की इस दुर्दशा के लिए शिवराज सरकार के खिलाफ कंप्यूटर बाबा ने मोर्चा खोल दिया है। घटनास्थल पर पहुंचकर कंप्यूटर बाबा ने सड़क पर मृत गायों के बीच में बैठकर धरना शुरू कर दिया है। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि वे रायसेन से भोपाल की तरफ आ रहे थे। सुबह करीब 5:30 बजे सुल्तानपुर के पास सड़क पर गायें मृत पड़ी थीं। उनकी यह दुर्दशा देख मैं वहीं पर धरने पर बैठ गया। कम्प्यूटर बाबा ने आगे कहा कि इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ दिन पहले भी सड़क हादसे में गायों की मौत हुई थीं। इसलिए अब सरकार की तरफ से जब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे धरने से नहीं उठेंगे।
गौमाता की दुर्दशाओं के लिए सरकार ही नहीं बल्कि आम लोगों की असंवदेनशीलता भी कम जिम्मेदार नहीं है। दूध देना बंद करते ही गौमाता को सड़कों पर छोड़ दिया जाना भी ऐसे हादसों के पीछे का बड़ा कारण है। वहीं पुलिस प्रशासन भी सड़क पर गोवंश के उन्मुक्त विचरण को लेकर आँख बंद किये रहता है।