फरार अपराधी के 30 दिन के अंतराल में दो गिरफ्तारी वारण्ट होने पर ही कोर्ट सुनवाई कर सकेगा


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स्टोरी हाइलाइट्स

फरार अपराधी की अनुपस्थिति में कोर्ट में सुनवाई हेतु उसके अंतिम निवास क्षेत्र के समाचार-पत्र में सूचना प्रकाशित कराई गई हो, फरार अपराधी के नातेदार अथवा मित्र को ऐसी सुनवाई की सूचना दी गई हो..!!

भोपाल: राज्य सरकार के पुलिस मुख्यालय ने भोपाल एवं इंदौर के पुलिस आयुक्तों तथा अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों को नया फरमान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि जिस अपराधी को फरार घोषित किया जाये उसके खिलाफ कोर्ट तभी जांच एवं विचारण संबंधी सुनवाई करेगा जबकि उस फरार अपराधी के विरुध्द 30 दिन के अंतराल में दो गिरफ्तारी वारंट जारी किये गये हों।

फरार अपराधी की अनुपस्थिति में कोर्ट में सुनवाई हेतु उसके अंतिम निवास क्षेत्र के समाचार-पत्र में सूचना प्रकाशित कराई गई हो, फरार अपराधी के नातेदार अथवा मित्र को ऐसी सुनवाई की सूचना दी गई हो तथा फरार अपराधी के निवास स्थान पर तथा संबंधित पुलिस थाने में अपराधी की सुनवाई में अनुपस्थिति की सूचना प्रदर्शित कराई गई हो। फरमान में कहा गया है कि फरार अपराधी घोषित करने पर यह समझा जायेगा कि अपराधी ने उपस्थित होने एवं स्वयं से कोर्ट में सुनवाई हेतु अपना अधिकार खो दिया है।