भोपाल: जंगल महकमे अधिकारियों की मनमर्जी पर लगाम नहीं लग पा रहा है। यही वजह है कि अवैध कटाई को लेकर जिस युवक ने वीडियो प्रमाण दिए रायसेन डीएफओ प्रतिभा शुक्ला ने उसे ही हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की। अब सिलवानी वन परिक्षेत्र की खमरिया बीट में सागौन की कथित अवैध कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CCF ने भोपाल से जांच टीम भेजकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
रायसेन वनमंडल सिलवानी उप वन मंडल के अंतर्गत पश्चिम वन परिक्षेत्र की खमरिया बीट में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम खेरी निवासी युवक आजाद खान द्वारा अवैध कटाई के वीडियो और फोटो उच्च अधिकारियों को भेजे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। परिजनों के अनुसार वन विभाग की टीम गांव खेरी पहुंची और आजाद खान को घर से उठाकर सिलवानी स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर की पश्चिम चौकी ले गई। आरोप है कि युवक को वहां रातभर एक कमरे में बंद रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि युवक को बेहोशी की हालत में वन विभाग और पुलिस की टीम द्वारा सिलवानी सिविल अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद होश आने पर उसे वन विभाग रायसेन ले गया।
पुराने प्रकरण का हवाला देकर बेटे पर बना रहे दबाव
पीड़ित युवक के पिता अर्जुन कामरान ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी पुराने प्रकरण का हवाला देकर उनके बेटे पर दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटे को वन्यजीव शिकार, गांजा तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। परिजनों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि आजाद खान ने अवैध कटाई के वीडियो और फोटो उच्च अधिकारियों को न भेजे होते, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होता। जानकारी के अनुसार युवक ने खमरिया बीट में बड़े पैमाने पर सागौन की अवैध कटाई के वीडियो जिला स्तर के डीएफओ से लेकर भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों, सीसीएफ तक भेजे थे।
लंबे समय से सागौन की हो रही अवैध कटाई
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में लंबे समय से सागौन की अवैध कटाई जारी है और जंगल में कई स्थानों पर पेड़ों के ठूंठ स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर पर सागौन तस्करी का खुलासा हो सकता है। एक ओर सागौन की कथित अवैध कटाई के आरोप और दूसरी ओर शिकायतकर्ता युवक के साथ मारपीट के दावे इन दोनों घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिकायतकर्ता को दबाने के प्रयास के रूप में भी देखा जाएगा। इस पूरे मामले पर सीसीएफ भोपाल ने मीडिया से चर्चा में कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। निष्पक्ष जांच के लिए भोपाल से टीम भेजी जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गणेश पाण्डेय