भोपाल: राज्य सरकार प्रदेश के ऊर्जा विभाग के अंतर्गत कार्यरत चार विद्युत कंपनियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 1 वर्ष हेतु कुल 2630 करोड़ रुपयों का अल्पावधि ऋण उपलब्ध करायेगी। इसकी स्वीकृति कैबिनेट ने भी दी है। दरअसल, राज्य के 3 विद्युत वितरण कंपनियों की कार्यशील पूंजी ऋण का प्रबंधन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लि. कर रही है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से भुगतान प्राप्ति में विलंब होने पर भी जनरेटिंग कंपनी को वेतन, टैक्स, कोयला देयर, रेल भाड़ो, ऋणों के ब्याज एवं मूलधन की किश्तों का भुगतान करना होता है।
तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की दिनांक 31 दिसम्बर 2025 की स्थिति में ट्रांसमिशन चार्जेस की लंबित राशि 8,173 करोड़ है। क्रेता मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा देयकों का भुगतान न करने के कारण कंपनी के पास तरलता की अत्यधिक कमी हो गई है। इसलिये प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के द्वारा दिनांक 31 दिसम्बर 2025 की स्थिति में लंबित टांसमिशन चार्जेस की देयताओं के शीघ्र भुगतान किये जाने हेतु प्रत्येक कंपनी हेतु राशि 570-570 करोड़ रुपये तथा मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी को लंबित कोयले के देयकों के भुगतान हेतु 920 करोड़ रुपये की अल्पावधि कार्यशील पूंजी ऋण राज्य शासन से उपलब्ध कराया जायेगा। इस प्रकार, कुल 2630 करोड़ रुपये ऋण के रुप में उपलब्ध कराये जायेंगे। ऊर्जा विभाग द्वारा उक्त अल्पावधि ऋण 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 1 वर्ष हेतु राज्य शासन से ऋण लिये जाने के प्रस्ताव पर तथा ऋण की अन्य शर्तों के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किये जाने के प्रस्ताव पर वित्त विभाग द्वारा सहमति भी दी गई है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी