डॉक्यूमेंट्री फिल्म में मां काली के स्वरुप से खिलवाड़ का पूरे देश में विरोध हो रहा है। फिल्म की निर्देशक लीना मणिमेकलाई के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में केस दर्ज़ हो चुका है। वहीं अब रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की भी इस मामले में नाराजगी सामने आई है।
अरुण गोविल ने गुरुवार को ट्वीट कर लिखा- माँ काली का अपमान हिंदू धर्म का घोर अपमान है, करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। फिल्मों और विज्ञापनों में हिन्दू देवी देवताओं का अपमान प्रचलन बन गया है।
माँ काली का अपमान हिंदू धर्म का घोर अपमान है, करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। फिल्मों और विज्ञापनों में हिन्दू देवी देवताओं का अपमान प्रचलन बन गया है। बार बार हिंदू धर्म का अपमान आखिर क्यों और कब तक ? ऐसे जघन्य अपराध तत्काल बंद होने चाहिए।
— Arun Govil (@arungovil12) July 7, 2022
अरुण गोविल ने सवाल उठाया कि बार बार हिंदू धर्म का अपमान आखिर क्यों और कब तक किया जाता रहेगा? उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध तत्काल बंद होने चाहिए। अरुण गोविल का यह ट्वीट सोशल मीडिया में जानकर वायरल हो रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई ने 2 जुलाई को अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली का एक पोस्टर साझा किया था। फिल्म के पोस्टर में 'माँ काली' के हाथों में सिगरेट और LGBT का झंडा देखकर लोग आक्रोशित हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'काली' के पोस्टर का बचाव करते हुए कहा था कि 'काली के कई रूप हैं। मेरे लिए काली का मतलब मांस प्रेमी और शराब को स्वीकार करने वाली देवी है। लोगों की अलग-अलग राय है, मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।' महुआ के बयान का भी तीखा विरोध हो रहा है।
वहीं देश में चल रहे भारी विरोध के बीच भारतीय उच्चायोग ने कनाडा सरकार को पत्र लिखकर मामले में आपत्ति जताई है और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का अनुरोध किया है। इस पत्र में भारतीय उच्चायोग ने लिखा है कि हमें कनाडा में हिंदू समुदाय के नेताओं से आगा खान संग्रहालय में 'अंडर द टेंट' परियोजना के तहत प्रदर्शित एक फिल्म के पोस्टर पर हिंदू देवताओं के अपमानजनक चित्रण के बारे में शिकायतें मिली हैं। इसे फौरन हटाया जाए।