Pm Modi In Sitapur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यूपी के सीतापुर में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा, यूपी में भाजपा सरकार होने का मतलब है, दंगाराज, माफियाराज, गुंडाराज पर बराबर कंट्रोल..! यूपी में भाजपा सरकार होने का मतलब है, पूजा-पर्वों को मनाने की खुली स्वतंत्रता..! यूपी में भाजपा सरकार होने का मतलब है, बहनों-बेटियों की मनचलों से सुरक्षा..! यूपी में भाजपा सरकार का मतलब है- गरीब के कल्याण के लिए निरंतर काम..! यूपी में भाजपा सरकार का मतलब है- केंद्र की योजनाओं पर डबल स्पीड से काम..! मेरे लिए ये खुशी की बात है कि मैं उस काशी का सांसद हूं, जहां संत रविदास जी का जन्म हुआ। ये भी मेरा सौभाग्य है कि बनारस में उनके मंदिर परिसर के सौन्दर्यीकरण के पवित्र कार्य के लिए ईश्वर ने मुझे माध्यम बनाया। मुझे उस परिसर को सजाने का मौका मिला।

संत रविदास जन्म स्थली विकास परियोजना : 

 पीएम मोदी ने कहा, दशकों से संत रविदास जी के भक्त हर सरकार से इसकी मांग करते थे, लेकिन चुनाव आता था, लोग फोटो खिंचाकर निकल जाते थे। भाजपा सरकार वहां, संत रविदास जन्म स्थली विकास परियोजना पर भी तेजी से काम कर रही है। हमारा काम करने का तरीका, हमारी काम करने की प्राथमिकता पूज्य संत रविदास जी ने सदियों पहले मार्गदर्शन किया था, उसी नक्शे कदम पर चलना ही है। संत रविदास जी की प्रेरणा से हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चल रही है। हमारी योजनाओं के केंद्र में गरीब है, दलित-शोषित-पिछड़े-वंचितों का कल्याण है।

किसी को भूखा न सोना पड़े, इसके लिए हम जागते रहे: मोदी

पीएम मोदी ने कहा, 2017 से पहले यूपी में जिन्होंने सरकार चलाई उन्हें संत रविदास जी से कितनी चिढ़ रही है, ये यूपी के लोग अच्छे से जानते हैं। संत रविदास जी की प्रेरणा से हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चल रही है। पूरे कोरोना काल में हमारा एक बात पर ध्यान केंद्रित रहा कि किसी गरीब के घर में ऐसा दिन नहीं आना चाहिए ताकि घर का चूल्हा ना जला हो। गरीब के घर में किसी को भूखा सोना न पड़ इसके लिए हम जागते रहे हैं। गरीब का राशन जो पहले माफिया लूट लेता था, उसका एक-एक दाना आज गरीब के घर पहुंच रहा है। इस पूरे कालखंड में मेरा ये फोकस रहा कि किसी गरीब के घर में ऐसा दिन नहीं आना चाहिए, जिसमें उसके घर का चूल्हा न जले। गरीब को भूखा न सोना पड़े, इसके लिए हम जागते रहे हैं।

तिजोरी खाली कर देंगे, लेकिन टीका घर-घर पहुंचाकर रहेंगे: पीएम

पीएम मोदी ने कहा, सरकार इस पर 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही है। गरीब भले ही किसी भी वर्ग का हो, दलित हो, पिछड़ा हो वो जानता है कि किसने संकट के समय साथ दिया और कौन संकट के समय लापता हो गया था, ये गरीब बराबर जानता है। विदेशों में कोरोना का टीका बहुत ज्यादा कीमतों पर लग रहा है। लेकिन भारत में भाजपा सरकार के लिए तिजोरी नहीं, देशवासियों की जिंदगी कीमती है। तिजोरी खाली कर देंगे, लेकिन टीका घर-घर पहुंचाकर रहेंगे। ये काम हमने किया है। इस कोरोना काल में गरीबों को आयुष्मान भारत योजना का भी बहुत लाभ मिला है। जो गरीब पहले अच्छे अस्पताल में इलाज की सोच भी नहीं सकता था, आज वो वहां मुफ्त इलाज करा रहा है।

मैंने गरीबी के भाषण नहीं सुने, मैं गरीबी जी कर आया हूं: पीएम

पीएम ने कहा, मैं आपकी तरह ही एक गरीब परिवार से आया हूं। मैंने गरीबी के भाषण नहीं सुने, मैं गरीबी जी कर आया हूं। गरीब की जिंदगी क्या होती है, इससे गुजरकर मैं आपके बीच पहुंचा हूं। डबल इंजन की सरकार डबल शक्ति से यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए, गरीब को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। गरीब, पिछड़े, दलित भाई-बहनों का सपना था कि उनके पास भी अपना घर हो। भाजपा सरकार ने 5 साल में यूपी में 34 लाख पक्के घर बनाकर गरीबों को दिए हैं। गरीब माताओं-बहनों-बेटियों को खुले में शौच के अपमान से, पीड़ा से मुक्ति चाहिए थी। आजादी के सात-सात दशक के बाद मेरी गरीब मां अंधेरे का इंतजार करती थी। ये मेरी गरीब मां का दर्द, गरीब परिवारों का दर्द, गरीबी से आया हूं उसका बेटा ही जान सकता है। भाजपा सरकार ने यूपी में 2 करोड़ से ज्यादा घरों में शौचालयों का निर्माण करके उनके जीवन की बहुत बड़ी परेशानी दूर की।

माफियाओं के राज में गरीब की सुनवाई नहीं होती: पीएम

पीएम ने कहा, भाजपा सरकार ने यूपी में 2 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण करके माता-बहनों की बहुत बड़ी परेशानी दूर की। शौचालय को इज्जतघर नाम उत्तर प्रदेश से ही मिला है। दिल्ली में शासन करने वालों की इसकी समझ नहीं है कि गरीब की जिंदगी में शौचालय की कितनी अहमियत है। अगर आपके पास घर है, बंगला है, गाड़ी है, उद्योग है, खेत खलिहान है, सुख ही सुख है, लेकिन आपकी जवान बेटी या बेटा घर से बाहर गया हो, और शाम को उसका शव आए तो ये घर, ये पैसे किस काम के ? आपको चाहिए, सुरक्षा..! जब कानून का राज नहीं होता, तो सबसे ज्यादा पिसना गरीब को ही पड़ता है। माफियाओं के राज में गरीब की सुनवाई नहीं होती। उत्तर प्रदेश में जो पहले घोर परिवारवादियों की सरकार थी, उन्होंने यही माहौल बना रखा था।

जो कानून का राज लाए हैं, हम उनको लाएंगे : पीएम

पीएम ने कहा, अब योगी सरकार यूपी के लोगों को, इन दंगाइयों से, अपराधियों से, मुक्ति दिलाने का काम कर रही है। इसलिए आज पूरा यूपी कह रहा है- जो कानून का राज लाए हैं, हम उनको लाएंगे। वोकल फॉर लोकल बोलने पर भी विपक्ष के नेताओं को दुख होता है। क्योंकि वोकल फॉर लोकल बोलने से क्रेडिट मोदी और योगी को मिलेगा। घोर परिवारवादियों की सोच ने वर्षों तक अपने कारीगरों के हुनर पर बल देने के बजाए, विदेश से आयात पर बल दिया। ये घोर परिवारवादियों ने इतने वर्षों तक अपने कारीगरों पर हुनर के बजाय विदेश से आयात पर ही बल दे दिया। हमने झांसी से लेकर अलीगढ़ तक डिफेंस कॉरिडोर का काम शुरू किया है। आज हम लोकल के वोकल होने की बात कर रहे हैं, इसके पीछे यही हमारा प्रयास है, हमारी कोशिश है कि देश में अधिक से अधिक उत्पादन हो, रोजगार के अधिक से अधिक अवसर बने। यही हमारी कोशिश है।

याद रखिए, पहले मतदान, कमल निशान, फिर दूसरा कोई काम :पीएम

पीएम ने कहा, 2007-2017 के बीच 10 साल में इन्होंने 2 लाख से भी कम सरकारी नौकरियां यूपी के युवाओं को दी थी। योगी सरकार ने 5 साल में 4.5 लाख सरकारी नौकरियां दी है। घोर परिवारवादियों की सरकार में नौकरियां किस तरह मिलती थीं, ये यूपी के लोग अच्छे से जानते हैं। सीतापुर के किसान कभी नहीं भूल सकते कि कैसे गन्ना बेचने आए किसानों पर मिल के फाटक के सामने लाठियां बरसाई गई थीं। इनका ट्रैक रिकॉर्ड गन्ना फैक्ट्रियों को बंद करने का भी रहा है। योगी सरकार नई गन्ना फैक्ट्रियां भी लगा रही हैं और पुरानी फैक्ट्रियों की क्षमता भी बढ़ा रही है। 2017 के पहले खनन माफिया और भूमाफिया का ही राज चलता था। माफियावादियों को तब बार-बार बाढ़ से जूझते सीतापुर की चिंता क्या कभी हो सकती है क्या, जो लूटने में लग हैं। यूपी का विकास वो लोग नहीं कर सकते जो दंगाइयों को, गुंडों को, माफिया को बढ़ावा देते हों। उत्तर प्रदेश के जागरूक लोग इस बात को जानते हैं। इसलिए तो वो कह रहे हैं- आएगी तो भाजपा ही, आएंगे तो योगी ही। दंगावादी, आप लोगों को बांटने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। लेकिन आपको एकजुट रहना है। याद रखिए, पहले मतदान, कमल निशान, फिर दूसरा कोई काम।