मकर संक्रांति के दिन क्यों उड़ाई जाती है पतंग? जानिए कैसे हुई शुरुआत?


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स्टोरी हाइलाइट्स

मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों का महत्व होता है।

पतंग को आजादी, खुशी और शुभ संदेश का प्रतीक माना जाता है। कई जगह लोग इस पर्व पर तिरंगी पतंग भी उड़ाते हैं। माना जाता है कि पतंग उड़ाने से दिमाग संतुलित रहता है और दिल को खुशी का एहसास होता है। मकर संक्रांति पर बच्चों के लिए कई जगहों पर मेलों का आयोजन किया जाता है। 

मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों का महत्व होता है। सबसे पहले इसका धार्मिक महत्व जान लेते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परम्परा को भगवान राम से जोड़कर देखा जाता है। जी हां, ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने मकर संक्रांति के दिन आकाश में पतंग उड़ाने की परम्परा को शुरू किया था। 

कहा जाता है कि जब भगवान राम ने पतंग उड़ाई थी तब वो पतंग इन्द्रलोक में चली गई थी। इस प्रचालन के बाद से लगभग सभी जगह मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की प्रथा शुरु हो गई।  

पतंग उड़ाने के पीछे नई फसल से भी जोड़कर देखा जाता है।