25 नई औषधीय उपजें भी अब मंडियों में बिक सकेंगी


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स्टोरी हाइलाइट्स

यह नया प्रावधान आगामी मई माह में पूरे प्रदेश में प्रभावशील होगा..!!

भोपाल: राज्य सरकार ने 54 साल पुराने मप्र कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 में बदलाव कर 25 नई औषधीय उपजों को भी 259 कृषि उपज मंडी समितियों के प्रांगण में बेचने का प्रावधान किया है तथा यह नया प्रावधान आगामी मई माह में पूरे प्रदेश में प्रभावशील होगा। अब कृषि औषधीय उपज में चियाबीज, अकरकरा, हिंगोट, जामुन, कंठकारी, भृंगराज, टेसुफूल, गांगड़ी, बबूलफली, एलोवेरा पत्ती, गोखरु, नागर मोथा, निर्गुणी, गटारन, सरफोका, अमरबेल, सहजन पत्ती, बिच्छू फल, लताकस्तूरी, नीलगीरी, इंद्रायण फल, चेना, हरसिंगार पत्ती, सनाय पत्ती तथा सनाय बीज को भी अधिसूचित उपज के रुप में शामिल किया गया है। 

इस प्रकार अब कृषि औषधीय उपजों में 66 के बजाये 91 उपजें सम्मिलित हो गई हैं। इससे इन नई उपजों का उत्पादन करने वाले किसानों को भी अपनी उपजें मंडी प्रांगण में नीलामी के जरिये प्रतिस्पर्धी दरों पर बेचने की सुविधा मिलेगी और उन्हें उनकी औषधीय उपज का अच्छा दाम मिलेगा।