मध्य प्रदेश में कंपनियों को पिछली सफलता देखकर दिया जाएगा काम...


स्टोरी हाइलाइट्स

प्रदेश के शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया कराने के प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे। शिल्पियों को जरूरी प्रशिक्षण देंगे और मार्केटिंग प्रणाली भी सिखाई जाएगी।

अब राष्ट्रीय कंपनियां बनाएंगी कैसे करें अपने उत्पाद की ब्रांडिंग...

Bhopal: मध्य प्रदेश में खादी, सिल्क के कपड़े, चंदेरी महेश्वरी साड़ी, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के खिलौने सहित अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में राष्ट्रीय कंपनियां (पीआर के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी) राज्य सरकार की मदद करेंगी। 

वे निर्माताओं को उत्पादों की ब्रांडिंग करने का सलीका सिखाएंगी। उनके लिए विज्ञापन और स्लोगन भी तैयार करेंगी। इसके लिए कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग ऐसी कंपनियों से संपर्क कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि उत्पादों की अच्छे से ब्रांडिंग हो जाए, तो इस क्षेत्र में काम करने वाले ग्रामीणों को ज्यादा फायदा हो सकता है।

चंदेरी और महेश्वर की साड़ी भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में पसंद की जाती है। टेराकोटा पेंटिंग, लकड़ी, मिट्टी, बांस सहित विभिन्न धातुओं का शिल्प भी खूब पसंद किया जाता है, पर निर्माताओं को अपेक्षाकृत लाभ नहीं मिलता। उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर दे रही है। विभाग कंपनियों को आमंत्रित करने की तैयारी में जुटा है।

अभी ऐसी कंपनियों की सूची तैयार की जा रही है. जो इस क्षेत्र में काम करती हैं। उन कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। काम देने से पहले यह भी देखा जाएगा कि संबंधित कंपनी ने इससे पहले कितने सफल स्लोगन या विज्ञापन दिए हैं और उससे संबंधित कंपनी को कितना फायदा हुआ है। इसे आधार बनाकर हो उन्हें काम सौंपा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पर्यटन विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लिए ऐसी कंपनियां काम करती हैं

इनका कहना है:

प्रदेश के शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया कराने के प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे। शिल्पियों को जरूरी प्रशिक्षण देंगे और मार्केटिंग प्रणाली भी सिखाई जाएगी। 

-गोपाल भार्गव, मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग


 

पुराण डेस्क

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