आज इंटरनेशनल मेन्स डे (International Mens Day) यानी हैप्पी इंटरनेशनल मेन्स डे 2021 है। आज देश और विदेश के कई हिस्सों में पुरुषों के अधिकार, स्वास्थ्य, पुरुषत्व के सकारात्मक गुणों की सराहना, लैंगिक समानता के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वास्तव में समाज पितृसत्तात्मक हो सकता है लेकिन कभी-कभी पुरुष भी अत्याचारों के शिकार होते हैं। 19 नवंबर 2007 को भारत में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया गया। आइए जानते हैं अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस का इतिहास और कैसे आप इस दिन को अपने पुरुष मित्रों, सहकर्मियों, पिता, भाई और पति के लिए यादगार बना सकते हैं।

International Mens Day का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस 2021 की मांग सबसे पहले कुछ पुरुषों ने 1923 में की थी, जिसमें कहा गया था कि अगर महिला दिवस मनाया जाता है, तो पुरुष दिवस भी मनाया जाना चाहिए। 19 नवंबर 1999 को त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया। भारत में डॉ. जेरोम तेलुकसिंह ने पुरुषों के अधिकारों और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई प्रयास किए। डॉ। जेरोम तिलक सिंह के पिता का जन्म 19 नवंबर को हुआ था। इसी तारीख को भारत में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के जश्न की शुरुआत हुई थी।