मित्रो, धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और संस्कारों को समर्पित “धर्म पुराण” में आपका हार्दिक स्वागत है. आज हम इस एपिसोड में बहुत रोचक जानकारी देने जा रहे हैं. बहुत से लोगों को यह जानकार आश्चर्य होगा कि उज्जैन श्रीकृष्ण की ससुराल भी है. आठ पीढ़ी पहले उनके एक पूर्वज भी यहीं रहते थे, जिनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने महाकाल का भव्य मंदिर प्रकट किया. उनका नाम श्रीकर था. उन्होंने भगवान् महाकाल की इतनी निष्ठा से आराधना कि, कि भगवान् उनसे प्रसन्न हो गये और महाकाल मंदिर प्रकट किया. मित्रो, भगवान श्रीकृष्ण के उज्जैन से सम्बन्ध को लेकर अधिकतर लोग सिर्फ यही जानते हैं, कि उन्होंने यहाँ अंकपात क्षेत्र में महर्षि सांदीपनी के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी. वह कंस का वध करने के बाद शिक्षा प्राप्त करने उज्जैन आये. उन्होंने बारह वर्ष की आयु में 64 दिन तक अपने भाई बलराम के साथ विद्या ग्रहण की. इसके अलावा कोई ओर जानकारी बहुत कम लोगों को ज्ञात है.

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